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बैैक में थमाई कागज की गड्डी, 30 हजार ले भागे
त्योहारोंके नजदीक आते-आते बैंक और आसपास उठाईगिरे सक्रिय होने लगे हैं। सोमवार को टिकरापारा इलाके में एक बैंक के पास 50 हजार रुपए ठगे गए थे, मंगलवार को दोपहर भीड़भरे जयस्तंभ चौक पर स्टेट बैंक में पैसे जमा करने आए युवक को कागज की गड्डी थमाकर उठाईगिरे 30 हजार रुपए ले उड़े। खबर मिलने के बाद पहुंची पुलिस इस वारदात में भी रात तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है।
पुलिस ने बताया कि तेलीबांधा इलाके का निवासी राजस्थान का भीमसेन जांगिड़ (28) मंगलवार की सुबह 11 बजे जयस्तंभ चौक स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा में पैसा जमा करने पहुंचा। उसने एक खाते में 15 हजार जमा कर दिए। दूसरे खाते में 30 हजार रुपए जमा करने के लिए बैंक के अंदर बैठकर फॉर्म भरने लगा। तभी दो युवक भी उसके पास गए और फार्म भरने लगे। इनमें से एक ने भीमसेन से पेन मांगा। इसके बाद दोनों युवक बात करने लगे। एक ने दूसरे को बताया कि उसका मालिक बेंगलुरू में वेतन नहीं दे रहा था, इसलिए वह 80 हजार रुपए चुराकर ले आया है। इसके बाद युवक ने भीमसेन से कहा कि यह बात किसी को नहीं बताना। इस तरह, दोनों ने भीमसेन को बातों में शामिल कर लिया। तब एक युवक ने रुपए चुराने वाले युवक से कहा कि 80 हजार रुपए में से वह 20 हजार रुपए भीमसेन को तथा 20 हजार उसे दे। तब वे उसका पैसा जमा करवाएंगे। बात तय हुई और दोनों युवक भीमसेन को लेकर बाहर गए।
इसतरह लिए पैसे
बैंकके बाहर युवक ने रुमाल खोला और ऊपर रखे पांच सौ नोट दिखाकर इसे ढंक दिया। तब दूसरे युवक ने उससे कहा कि वह और भीमसेन मिलकर नया खाता खुलवा देंगे। उसी खाते में रकम जमा कर देंगे। युवक ने साथी से 80 हजार रुपए मांगे तो उसने कहा कि बिना भरोसे से इतनी रकम कैसे दे दूं? तब युवक ने कहा कि वह और भीमसेन अपने पैसे उसे दे देते हैं। इस बात पर भीमसेन भी तैयार हो गया। उसने 30 हजार रुपए युवक को दिए। इसके बाद दोनों रुमाल में बंधी गड्डी लेकर बैंक में घुसे। युवक ने गड्डी भीमसेन को सौंपी और कहा कि वह बाहर खड़े युवक को समझाकर आता है। भीमसेन गड्डी लेकर भीतर रुक गया, युवक बाहर निकल गया। काफी देर तक नहीं लौटा, तब उसने रुमाल खोलकर गड्डी निकाली। उसमें ऊपर 500 रुपए का नोट था, बाकी सादे कागज की गड्डी। उसे महसूस हो गया कि ठगी का शिकार हो गया। तब उसने मौदहापारा थाने में रिपोर्ट लिखाई।
ठगी के शिकार भीमसेन मौदहापारा था