लंबित मामले को सुलझाने में माशिमं फेल
दसवीं-12वींके पुराने अंकसूची एवं सर्टिफिकेट से संबंधित लंबित मामलों को सुलझाने में माशिमं फेल हो गया है। दस बरस से ज्यादा पुराने मामले के निपटारे के लिए छात्र माशिमं के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है। ऐसे मामलों की संख्या करीब दो सौ से ज्यादा है।
कुछ महीने पहले सभी मामलों के निपटारे के लिए माशिमं ने जन दर्शन पैटर्न चालू किया था। उसके तहत कार्रवाई भी शुरू की। इस बीच ऐसे लंबित मामलों की सूची भी बनाई गई थी जिसके निपटारे के लिए मप्र बोर्ड की मदद लेनी थी।
इसके लिए भी कागजी कार्रवाई हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। इसे लेकर बरसों से इंतजार कर रहे छात्रों में भी नाराजगी है।
उनका कहना है कि सभी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी मामले का निपटारा नहीं किया गया।
जीरो पेंडेंसी की कवायद में खुला मामला :
चार-पांच महीने पहले माशिमं ने जीरो पेंडेंसी के तहत काम करना शुरू किया। पुराने सभी मामलों की सूची तैयार की गई। तब यह मामला खुला की दस बरस से भी ज्यादा पुराने कई मामले हैं। इनका निपटारा अब तक नहीं किया गया है। कागजों को खंगाला गया तो बात सामने आई कि इन मामलों में तकनीकी खामियां हैं। माशिमं में 208 लंबित मामलों में डुप्लीकेट अंकसूची के 186 और सर्टिफिकेट 22 मामले हैं।