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सरकार ने बनवा दिया थोक बाजार शिफ्ट नहीं करवा पा रहा प्रशासन
शहरके भीतर बसे थोक बाजार को डूमरतराई शिफ्ट करने में प्रशासन भी पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। व्यापारियों को बार- बार मोहलत दी जा रही है और वे हर बार प्रशासनिक मियाद का फायदा उठाकर शिफ्टिंग टाल रहे हैं। इस बार जिला प्रशासन ने 10 फरवरी तक शिफ्टिंग का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन व्यापारियों ने थोक कारोबार डूमरतराई शिफ्ट नहीं किया।
नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड ने डूमरतराई में करीब साढ़े छह सौ दुकानें बनाई हैं। पूरा मार्केट 2013 से बनकर तैयार हैं। करीब एक साल से व्यापारियों और प्रशासन के बीच शिफ्टिंग को लेकर कई दौर की बात हो चुकी है। व्यापारी हर बार सुविधाएं होने का हवाला देकर शिफ्टिंग टाल चुके हैं। जिला प्रशासन ने इस बार 10 फरवरी तक का समय दिया था। मंगलवार को यह मियाद भी पूरी हो गई। जिला प्रशासन के अफसरों ने इस तारीख के बाद दुकानों का आवंटन निरस्त करने का फरमान जारी किया था।
कारोबारी पहले इसके लिए तैयार हो गए, लेकिन दो दिन पहले ही कारोबारियों में फूट पड़ गई और एक गुट ने शिफ्टिंग से इनकार कर दिया। इस वजह से मंगलवार तक प्रशासनिक प्रयास फेल होते नजर आए। दूसरी ओर हाउसिग बोर्ड के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि छोटे-बड़े करीब 50 लोगों को चाबी सौंपी जा चुकी है। उन्होंने शिफ्टिंग की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ ने अपनी दुकानों के नाम वाले बोर्ड भी लिखवा लिए हैं। सामान की शिफ्टिंग नहीं हुई है।
बैंक और एटीएम जल्दी खुलेंगे
डूमरतराईथोक बाजार में बैंक, एटीएम, कुरियर सर्विसेज और ट्रांसपोर्ट आदि के परिसर के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। वर्क आर्डर जारी होने वाला है। अफसरों का दावा है कि कुछ महीनों में सुविधाएं भी उपलब्ध हो जाएंगी। इस पर करीब सात करोड़ खर्च हो रहे हैं।
समीक्षाके बाद होगी कार्रवाई
कलेक्टरठाकुर राम सिंह ने कहा कि व्यापारियों को 10 फरवरी तक का समय दिया गया था। जानकारी मिली है कि व्यापारियों ने शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिर भी बुधवार को समीक्षा की जाएगी कि कितने व्यापारी शिफ्ट हुए हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आठ-दसदिन में दिखेगा असर
छत्तीसगढ़चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में ज्यादातर व्यापारियों ने दुकानों के बकाया पैसे जमा कर दिए हैं। कुछ व्यापारियों ने हाउसिंग बोर्ड से चाबी लेकर दुकानों की सफाई और शिफ्टिंग की तैयारी भी शुरू कर दी है।
आठ-दस दिन में तस्वीर बदल जाएगी। कलेक्टर ने छोटी-छोटी सुविधाओं को शिफ्टिंग के बाद भी पूरी करने का आश्वासन दिया है।
दो सौ करोड़ का बाजार
राज्यसरकार ने शहर से थोक बाजार को बाहर करने के लिए डूमरतराई थोक बाजार की योजना बनाई। जमीन की कीमत और दुकानों के निर्माण की लागत मिलाकर पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग दो सौ करोड़ खर्च किए गए। मार्केट लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में बसाया गया है। इस क्षेत्र में जमीन की कीमत 500 वर्गफुट के हिसाब से आंकने पर इसकी कीमत लगभग 100 करोड़ रही है। इस तरह दो सौ करोड़ फंस गए हैं। राज्य सरकार ने व्यापारियों को सस्ती दर पर दुकानें दी हैं और कई तरह की छूट भी दिए गए हैं, ताकि वे अपना कारोबार यहां शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। अभी फिलहाल एक-एक दुकान की कीमत आंकी जा रही है। व्यापारियों को इससे आधी कीमत पर बेची गई है।
8-10 बाजार होंगे शिफ्ट
अगस्त 2013, कारण बताया गया सुविधाएं नहीं हैं
सितंबर 2014, कारण बताया सुविधाएं नहीं हैं
अक्टूबर 2014, दीपावली को कारण बताया
नवंबर 2014,नगरीय निकाय चुनाव का हवाला देकर रोका
दिसंबर 2014, पंचायत चुनाव के कारण टाली गई शिफ्टिंग
बाजारोंकी शिफ्टिंग से ये फायदा
किरानाथोक बाजार, गुढ़ियारी
फायदा: इससेपूरे गुढ़ियारी में दिनभर ट्रैफिक जाम की दिक्कत होगी दूर।
इलेक्ट्रिानिक्स थोक बाजार, एमजी रोड
फायदा: इसकेजाने से एमजी रोड और लगी सभी सड़कों पर जाम से राहत।
अनाज गल्ला, गुढ़ियारी रामसागरपारा
फायदा: रामसागरपाराऔर गुढि़यारी की घनी आबादी वाले इलाके में बड़े-छोटे वाहनों की एंट्री बंद होगी।
शास्त्री बाजार और स्टेशन रोड का थोक फुटवेयर
फायदा: जीईरोड, स्टेशन रोड जैसी शहर की प्रमुख सड़क पर भीड़ का दबाव कम होगा।
मनिहारी थोक मार्केट, गोलबाजार फायदा: गोलबाजारका मनिहारी होलसेल बाजार शिफ्ट होने से शहर के सबसे पुराने और प्रमुख बाजार की सड़कों पर जाम नहीं लगेगा।
थोक प्लास्टिक बाजार
फायदा:गोलबाजारतथा स्टेशन रोड, दोनों ही इलाके का ट्रैफिक होगा स्मूथ।
2004-05 की योजना
431 हाउसिंग बोर्ड की दुकानें
185 दुकानें निगम ने बनाई
100 करोड़ से ज्यादा लागत