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सरकारी अमले को गर्मी का इंतजार, ताकि खुद खत्म हो स्वाइन फ्लू

6 वर्ष पहले
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राजधानीमें 12 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई, दो लोगों की मौत हुई और 45 से ज्यादा के सैंपल दिल्ली भेजे जा चुके हैं, इसके बावजूद राज्य के सबसे बड़े रायपुर मेडिकल कालेज की बायोलॉजिकल लैब में स्वास्थ्य विभाग अब तक स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा शुरू नहीं कर पाया है। जबकि मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने जबलपुर में स्वाइन फ्लू टेस्ट शुरू कर दिया है। जांच सुविधा नहीं होने का नतीजा है कि अगर स्वाइन फ्लू का शक हो, तब भी इसकी पुष्टि होने में दिल्ली पर निर्भरता के कारण एक हफ्ते से दस दिन तक लग रहे हैं। मध्यप्रदेश ने स्वाइन फ्लू जांच किट भी अलग से मंगवा ली हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई योजना ही नहीं है। सूत्रों का दावा है कि हेल्थ विभाग के तमाम आला नुमाइंदे अब तक यही साबित करने में जुटे हैं कि यह सामान्य फ्लू है। गर्मी जैसे ही बढ़ेगी, अपने आप खत्म हो जाएगा यानी 10-15 दिन का ही मेहमान है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 जनवरी को, अर्थात पूरे एक महीने पहले स्वाइन फ्लू से एलर्ट घोषित किया था। पहला मरीज मिले भी लगभग दो हफ्ते हो गए, लेकिन इस एलर्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब भी महीनेभर पुरानी स्थिति में ही है।

मरीजों के इलाज के लिए तीन-चार दिन पहले ही टैमी फ्लू टैबलेट का स्टॉक पहुंचा है, लेकिन जानकारों का दावा है कि यह भी इतना नहीं है कि 40-50 मरीजों का इलाज एक साथ शुरू किया जा सके। स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत को इसीलिए विभाग ने अब तक इस तर्क के साथ स्वीकार नहीं किया है कि दिल्ली के सेंट्रल लैब की रिपोर्ट उनके पास नहीं है।

ये इंतजाम नहीं

{पर्याप्त माॅस्क की व्यवस्था नहीं की।

{निजी अस्पतालों से समन्वय की कमी।

{कैसे शक हो कि स्वाइन फ्लू तो नहीं?

{शक होने पर मरीज जांच कहां करवाएं?

0 मरीज तो दूर, डाक्टरों के लिए दवा नहीं।

तैयार हंै हम

^ स्वाइन फ्लू सामान्य फ्लू जैसा ही है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। इलाज के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। डा.आलोक शुक्ल, प्रमुख सचिव, हेल्थ

^तापमान बढ़ते ही एच1एन1 वायरस खत्म होने लगेंगे। यह बीमारी राजधानी में 10-15 दिन के बाद नहीं रहेगी। डा.एसएमएम मूर्ति, महामारी नियंत्रण अफसर

चार साल से एक ही राग

मेडिकलकॉलेज में चार साल पहले तक प्रबंधन यह कहता रहा कि वायरोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू समेत डेंगू चिकनगुनिया की जांच होगी। माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने लैब तैयार होने के बाद कहा कि यहां स्वाइन फ्लू की जांच नहीं हो सकती क्योंकि पुणे से किट नहीं रहे हैं। विभाग के एचओडी डॉ. अरविंद नेरल का कहना है कि स्वाइन फ्लू की जांच के लिए लेवल एक श्रेणी का लैब चाहिए। यह भी यहां नहीं है।

स्वाइनफ्लू के 2 नए मरीज

राजधानीमें मंगलवार को स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज मिले हैं। मरीज मोवा कोटा स्थित निजी अस्पतालों में भर्ती है। दोनों रिपोर्ट निजी लैब की हैं। सीएमओ डॉ. केआर सोनवानी इसकी पुष्टि की है, लेकिन डॉ. एसएमएम मूर्ति ने रिपोर्ट मिलने की बात से इंकार किया है। हीरापुर की आरडीए कालोनी तथा आसपास पीलिया के 18 नए मरीज मिले हैं। वहां 78 संदिग्धों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।



सीएमओ कार्यालय में महामारी नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ. आरके चंद्रवंशी ने बताया कि पीलिया के लिए लगाए गए शिविर अभी चलते रहेंगे।

राजधानी में बढ़ी बेचैनी

स्वाइनफ्लू फैलने के बाद सबसे ज्यादा बेचैनी रायपुर के घने रिहायशी इलाकों में है जहां घर से निकलते ही सड़क से बाजार तक, केवल भीड़ से ही लोगों का सामना हो रहा है। स्वाइन फ्लू से दो महिलाओं की मौत के बाद यह बेचैनी बढ़ी है। हफ्तेभर पहले एक गर्भवती महिला तथा दो दिन पहले संजयनगर की महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई, लेकिन सरकारी लैब की रिपोर्ट नहीं आने के बहाने आला हेल्थ अफसर दावा कर रहे हैं कि अब तक कोई मौत नहीं हुई। इसके साथ ये दावा भी किया जा रहा है कि यह सामान्य फ्लू है जिससे घबराने की जरूरत नहीं है।