- Hindi News
- शोभायात्रा में गूंजे राधे राधे के जयकारे
शोभायात्रा में गूंजे राधे-राधे के जयकारे
समताकॉलोनी के भीमसेन भवन में शुक्रवार को भागवत कथा की शुरुआत हो गई। इससे पहले राधाकृष्ण मंदिर से निकली शोभायात्रा में राधे-राधे के जयकारे गूंजते रहे। यात्रा में सिर पर कलश लिए सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं।
जगह-जगह पर यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। व्यासपीठ की स्थापना के बाद भागवत आरती की गई, फिर शुरू हुई भागवत कथा में कथावाचक ब्रम्हचारी संत सदानंद महाराज ने कथा का महत्व बताया। शनिवार को अमर कथा, कपिल गीता, ध्रुव चरित, के प्रसंग पर कथा वाचन किया गया। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा समिति के राजेश अग्रवाल ने बताया कि कथा के बाद रोजाना वृंदावन से पहुंचे कलाकार भागवत कथा की झांकी का सजीव वर्णन करेंगे।
िसर पर कलश लेकर यात्रा में शािमल हुईं महिलाएं।
भागवत में जीवन का सार
जीवन में आप चाहे जैसा भी पाप कर डालें। इससे मुक्ति भागवत महापुराण ही दिलवा सकता है। आत्मिक शांति के लिए भागवत सुनना चाहिए। भागवत में जीवन का सार है। यह बातें पं. कृष्णा शुक्ला ने कंकालीपारा में शुक्रवार को शुरू हुई भागवत कथा के दौरान कही। उन्होंने धुंधकारी के प्रसंग की व्याख्या करते हुए मानव आचरण में सुधार की बात कही। पं. शुक्ला ने कहा कि मनुष्य को काम, क्रोध, मोह, मद और मदसर इन पांच विकारों से हमेशा दूर रहना चाहिए। इससे हमारे जीवन में सुख पाएगा और जीवन आनंदमय रह पाएगा। कथा शुरू होने से पहले महामाया मंदिर से कथास्थल तक निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग शामिल हुए।
कथा के अंत में मोहन पंसारी और उनके साथियों ने प्रसाद वितरण किया।