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गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन नहीं

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज|बिलासपुर/रायपुर

एंटीकरप्शन ब्यूरो के छापे में चार साल पहले फंसे नगर निगम रायपुर के इंजीनियर की अचानक गिरफ्तारी के मामले में नया पेंच गया है। शुक्रवार को एसीबी के एसपी भी हाईकोर्ट में यह नहीं बता सके िक इंजीनियर नरसिंह राठौर को क्यों िगरफ्तार िकया गया है। एसपी ने हाईकोर्ट में बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही अपनी ज्वॉइनिंग दी है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की बेंच ने एसपी को सोमवार को शपथ-पत्र के साथ जानकारी देने के लिए कहा है।

इंजीनियर के खिलाफ एसीबी ने चार साल पहले कार्रवाई की थी। इसमें करीब चार करोड़ रुपए की संपत्ति मिलने का दावा किया गया था। जांच अधिकारी से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने एसपी को तलब किया था। रायपुर नगर निगम में पदस्थ रहे इंजीनियर नरसिंह राठौर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2010 में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला बनाया था।

एसीबी ने दावा किया था कि उन्होंने गलत तरीकों का उपयोग करते हुए चार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति बनाई है, जबकि राठौर ने आरोपों से इनकार किया था। चार साल पहले मामला दर्ज करने के बाद एसीबी ने पिछले दिनों अचानक कार्रवाई करते हुए राठौर को गिरफ्तार कर लिया।

इसके खिलाफ याचिका दायर की गई है। चार साल पहले की गई कार्रवाई में अचानक गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कहा गया है कि इसमें सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी को तलब किया था। जांच अधिकारी गिरफ्तारी और संपत्ति को लेकर जानकारी नहीं दे पाए।



इस पर जस्टिस संजय के. अग्रवाल की बेंच ने एसीबी के एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। एसपी शुक्रवार को हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन वे भी चार साल बाद अचानक गिरफ्तार करने का कारण नहीं बता सके।



साथ ही बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही इस पद का चार्ज संभाला है। हाईकोर्ट ने उन्हें सोमवार को शपथ-पत्र के साथ जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।