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कमल विहार में रजिस्ट्री पर बैन 9 हजार प्लाट सीधे प्रभावित

7 वर्ष पहले
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कमलविहार के तकरीबन 10 हजार प्लाट की रजिस्ट्री शासन के नियमों के पेंच में फंस गई और पंजीयन के महानिरीक्षक (आईजी) के निर्देश पर रायपुर पंजीयन दफ्तर ने बचे हुए करीब 9 हजार प्लाट की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी। आरडीए ने अब तक एक हजार प्लाट की रजिस्ट्री कमल विहार में जारी किए गए प्लाट नंबर के आधार पर करवाई थी। शासन ने प्लाट नंबर के बजाय रजिस्ट्री के लिए खसरा नंबर अनिवार्य किया है, जो कमल विहार के प्लाट में दर्ज नहीं है। आरडीए की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि वह कमल विहार की तकरीबन पूरी जमीन समतल कर चुका है और दस्तावेजों में नए सिरे से खसरा नंबर डाल पाना मुश्किल होगा।

राज्य शासन ने 3 मई 2014 को आदेश जारी कर किसी भी प्लाट की रजिस्ट्री के लिए खसरा नंबर अनिवार्य कर दिया था। अर्थात प्लाट चाहे कालोनाइज़र बेचे या सरकारी एजेंसियां जैसे हाउसिंग बोर्ड अथवा विकास प्राधिकरण, इनका खसरा नंबर दर्ज होना जरूरी है। इस निर्देश के पहले और बाद में आरडीए ने खसरा नंबर के बजाय प्लाट नंबर के आधार पर करीब एक हजार रजिस्ट्री करवाई हैं। पंजीयन महकमे ने साफ कह दिया है कि बिना खसरे के रजिस्ट्री नहीं हो सकती। वरिष्ठ उप पंजीयक आरएल साहू ने बताया कि पंजीयन आईजी दफ्तर ने जिले को निर्देश दिए हैं कि कमल विहार के पांच गांव समेत बिना खसरा नंबर के कोई रजिस्ट्री नहीं की जाए। इसलिए रायपुर रजिस्ट्रार दफ्तर में कमल विहार के प्लाट की रजिस्ट्री रोक दी गई है। इस कालोनी से संबंधित प्लाट के सभी सेक्टरों के रजिस्ट्री दस्तावेज गुरुवार, 11 दिसंबर से इस निर्देश के साथ आरडीए को लौटाए जा रहे हैं कि इनमें खसरा नंबर दर्ज किया जाए।

छह माह से गलत रजिस्ट्री

कमलविहार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रहे रोहित शुक्ला ने बताया कि आरडीए पिछले 6 महीने से आरडीए गलत तरीके से रजिस्ट्री कर रहा है। यही नहीं, रजिस्ट्री दस्तावेजों में प्लाट की बाउंड्री (चौहद्दी) नहीं दी जा रही है।

अब निकाले पुराने नक्शे

आरडीएअफसरों ने पुष्टि की कि रजिस्ट्रार दफ्तर से एक कर्मचारी के जरिए रजिस्ट्री नहीं करने की सूचना दी गई है। इसलिए अब सुपर इंपोज नक्शा और पुराने लैंड रिकार्ड निकाले जा रहे हैं। अब सभी दस्तावेजों में खसरा नंबर डाला जाएगा। यह काम 15 दिन में होगा।

समतल हो चुकी जमीन

कमलविहार की 1600 एकड़ जमीन समतल कर दी गई है, अर्थात मौके पर ख