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फाफाडीह में मिला स्वाइन फ्लू का मरीज परिजन ले गए दिल्ली
राजधानी के फाफाडीह इलाके के एक बुजुर्ग के स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हो गई। उनके स्वाब का सैंपल दिल्ली की निजी लैब में भेजा गया था। वहां से आई रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पाजिटिव निकला, इसके तुरंत बाद परिजन उन्हें दिल्ली ले गए। इसे मिलाकर राजधानी में स्वाइन फ्लू के पांच मरीज सामने चुके हैं। इधर, राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में शनिवार को भर्ती किए गए नौ मरीजों के स्वाब के सैंपल स्वाइन फ्लू के अंदेशे से दिल्ली भेजे गए हैं। फाफाडीह निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग किसी अस्पताल में भर्ती नहीं थे। सर्दी-बुखार का इलाज करनेवाले डाक्टर ने स्वाइन फ्लू के अंदेशे से स्वाब का सैंपल दिल्ली की निजी लैब को भेजा था। रिपोर्ट में इसकी पुष्टि के बाद परिजन उन्हें लेकर सीधे दिल्ली चले गए। रायपुर सीएमओ कार्यालय के अफसरों ने बुजुर्ग की रिपोर्ट पाजिटिव होने की पुष्टि की। अफसरों ने बताया कि शुक्रवार को चार रिपोर्ट पाजीटिव आई थी। इसमें तीन एक ही परिवार के हैं। शनिवार को आई रिपोर्ट को मिलाकर स्वाइन फ्लू पीड़ितों की संख्या पांच हो गई है।
चारमरीज गंभीर : लालपुरस्थित दो निजी अस्पतालों में भर्ती चार मरीजों की हालत अब भी गंभीर है। सभी को डाक्टरों की सघन निगरानी में रखा गया है। अंबेडकर अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में भी तीन संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है। महामारी नियंत्रण के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. एसएमएम मूर्ति ने शनिवार को एक और मरीज मिलने की सूचना पर अनभिज्ञता जता दी। जिले के महामारी नियंत्रण नोडल अधिकारी डॉ. एसके चंद्रवंशी ने फाफाडीह में एक व्यक्ति के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि की।
स्वाइन फ्लू की दहशत से लोग जुकाम बुखार होने के बाद भी स्वाब की जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू की तीन कैटेगरी हैं और सभी में स्वाब टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। बी-1 और बी-2 कैटेगरी के स्वाइन फ्लू की पहचान लक्षण से ही हो जाती है। अंबेडकर में टीबी एंड चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके पंडा ने बताया कि टैमी फ्लू टैबलेट शुरू करने से ही इसमें आराम मिलने लगता है। तीनों कैटेगरी के लक्षण इस तरह समझे जा सकते हैं -
बी-1 कैटेगरी : तेजबुखार, गले में तेज दर्द और खराश। डाक्टर इस कैटेगरी में तुरंत टैमी फ्लू टेबलेट दे सकते हैं, जिससे यह ठीक हो जाता है।
बी-2कैटेगरी : तेजबुखार, गले में तेज दर्द होता है। गर्भवती महिलाओं, कैंसर और किडनी पेशेंट में ये लक्षण दिखते हैं। इसमें सावधानी जरूरी है।
बी-3कैटेगरी : तेजबुखार, सांस में परेशानी, छाती में दर्द, ब्लड प्रेशर में उतार चढ़ाव, नाखून नीले, थूक में खून। स्वाब टेस्ट कराने की जरूरत है।