नहीं हिले थोक बाजार, प्रशासन भी चुप
प्रशासनिक रिपोर्टर | रायपुर
थोकबाजारों को डूमरतराई भेजने की 10 फरवरी की डेडलाइन निकल गई, एक भी कारोबारी बाहर नहीं गया। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि अगर तय तारीख तक कारोबारी बाहर नहीं गए तो दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बावजूद बुधवार को डूमरतराई के थोक बाजारों में एक भी दुकान नहीं खुली। यही नहीं, किसी कारोबारी ने वहां की दुकानों में तो मीटर लगवाए और ही नल कनेक्शन लिया। थोक बाजारों के बाहर जाने के मुद्दे पर दो फाड़ होने के बाद छत्तीसगढ़ चेंबर भी खामोश हो गया है। उधर, आवंटन निरस्त करने की चेतावनी देने वाली कलेक्टर समेत प्रशासन ने एक बार फिर दुकानें छीन लेने की चेतावनी तो दी लेकिन आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की।
डूमरतराई जाने वाले एक दर्जन से ज्यादा कारोबारियों के एसोसिएशन ने बिना सुविधाअों के वहां जाने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि हाउसिंग बोर्ड जब तक वहां सुलभ शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाएं नहीं देता है शिफ्टिंग नहीं होगी।
कुछ दुकानदारों ने डूमरतराई की दुकानों में कब्जा जरूर लिया है, लेकिन शिफ्ट होने के नाम पर वे भी चुप हैं। दुकान शुरू करने से पहले बिजली और पानी की व्यवस्था जरूरी है। दैनिक भास्कर टीम ने बुधवार को डूमरतराई बाजार का जायजा लिया और पाया कि 500 से ज्यादा दुकानों में बिजली के लिए मीटर ही नहीं लगे हैं। यही नहीं, किसी कारोबारी ने नल कनेक्शन नहीं लिया है। जबकि हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने बताया कि पूरे बाजार में बिजली के लिए केबल बिछे हुए हैं। कारोबारियों को निर्धारित प्रक्रिया से कनेक्शन ही लेना है। यही नहीं, पानी टंकी भी बना दी गई है लेकिन जब तक कारोबारी कनेक्शन नहीं लेंगे, उन्हें पानी किस तरह दिया जा सकता है।
बाकी काम, पूरे होने में छह महीने लगेंगे
भास्कर टीम ने सर्वे में पाया कि नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड की दुकानों का कारोबारी पजेशन भी लेते हैं तो दुकानों में मीटर और नल कनेक्शन लगाने में ही उन्हें दो महीने तक लग जाएंगे।
कारोबारी इस बात पर भी अड़े हैं कि वहां सुलभ शौचालाय बनाए जाएं तथा चौकी खोली जाए। माना जा रहा है कि यह काम भी तीन-चार महीने से पहले पूरा नहीं हो सकता। जो हालात हैं, उस आधार पर अब प्रशासन भी मान रहा है कि शिफ्टिंग में छह महीना भी लग सकता है।
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चेंबर में भाजपा की राजनीति तेज
चेंबरके पूर्व अध्यक्ष तथा मौजूदा संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक हैं। उनके पैनल के अमर पारवानी चुनाव जीतकर चेंबर के अध्यक्ष बने हैं। चेंबर में लगभग पूरी कार्यकारिणी इसी पैनल की है। थोक बाजारों की शिफ्टिंग में चेंबर की यह राजनीति अब खुलकर सामने गई है। चेंबर ने प्रशासन की पहल के बाद 10 फरवरी तक थोक बाजार बाहर जाने की सहमति दी थी। प्रभावित कारोबारी अब चेंबर के संरक्षक तथा अध्यक्ष पर खुला आरोप लगा रहे हैं कि वे प्रदेश सरकार की मर्जी अब कारोबारियों पर थोप रहे हैं। राज्य के एक मंत्री और कलेक्टर वहां शिफ्टिंग चाहते हैं इसलिए दुकानदारों पर दबाव बनाया जा रहा है।
चेंबर अध्यक्ष वहीं फैसले ले रहे हैं जो भाजपा के नेता चाह रहे हैं। चूंकि चेंबर में विधायक सुंदरानी का पैनल काबिज है इसलिए कोई पदाधिकारी विरोध नहीं कर पा रहा है।
^कारोबारियों के साथ हुए अनुबंध के आधार पर उन्हें तय समय पर शिफ्टिंग करनी थी। शिफ्टिंग नहीं हुई तो दुकानें छीन ली जाएंगी। ठाकुरराम सिंह, कलेक्टर
^डूमरतराईनहीं जाने वाले दुकानदार बहुत कम हैं। 90 फीसदी लोग जाने के लिए तैयार हैं। थोक बाजार में सुविधाएं दी जा रही हैं। अमरपारवानी, अध्यक्ष छग चेंबर
^डूमरतराईकी दुकानों के पजेशन के लिए बार-बार ब्याज का मुद्दा सामने रहा है। सारी सुविधाएं दें तो शिफ्टिंग शुरू हो जाएगी। पोहूमल,अध्यक्ष गुढ़ियारी थोक संघ
^पहलेट्रांसपोर्ट समेत जरूरी सुविधाएं तो उपलब्ध कराएं, फिर शिफ्टिंग होगी। कारोबारियों पर दबाव बनाकर शिफ्टिंग नहीं हो सकती। सुभाषअग्रवाल, उपाध्यक्ष, छग चेंबर