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राज्योत्सव पर नई राजधानी के किसान करेंगे पैदल प्रदर्शन
नईराजधानी के प्रभावित किसान विभिन्न समस्याओं को लेकर 1 नवंबर राज्योत्सव के दिन राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। राजभवन तक पैदल जाकर किसान इसी दिन प्रदर्शन भी करेंगे। नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के सचिव कामता प्रसाद रात्रे ने रविवार को इस संबंध में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ वार्षिक राशि की घोषणा की थी। 15 जनवरी 2014 को सशक्त समिति का गठन राशि वितरण के लिए किया गया था। लेकिन एनआरडीए ने अभी तक दर्जनों किसानों को राशि नहीं दी है। 15 हजार रुपए के लिए किसानों को बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
मैचने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाई : किसानोंने बताया कि नया रायपुर होने वाले चैंपियन लीग मैच के कारण आसपास के गांव वालों को काफी परेशानियां हो रही हैं। गांव वालों को गांव से बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है।
मैच के दौरान जो गांव वाले अन्य स्थानों से अपने गांव लौट रहे हैं, उन्हें भी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिल रही है। किसानों को खेती सहित अन्य कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही। स्कूलों के वाहनों को गांवों में पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। मंदिर हसौद, चंदखुरी और आरंग जाने वाले मार्ग को बदल दिया है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
किसान रखेंगे अपनी मांग
किसानों द्वारा राज्यपाल को जो ज्ञापन सौंपा जाएगा, उसमें कई मांगे शामिल होगी। इसमें कहा गया है कि नया रायपुर पुनर्वास योजना 2007 के अंतर्गत नया रायपुर निर्माण के लिए सशक्त समिति भू-अर्जन का नया कानून 2013 में बनाए गए पुनर्वास व्यवस्थापन अनुसूची का क्रियावयन नहीं होना चाहिए। नया भू-अर्जन कानून 2013 के अनुसूची के अनुसार पुनर्वास व्यवस्थापन होना चाहिए, जिसमें भूमि के बदले भूमि, 20 प्रतिशत विकसित भूखंड, प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए तक मुश्त, प्रत्येक परिवार को 2 हजार की मासिक राशि 20 वर्ष के लिए, 3 हजार रुपए का जीवन निर्वहन भत्ता चार गुना भूमि का मुआवजा देने की मांग की है।