निजी कॉलेजों को स्तर सुधारने चार माह
पं.रविशंकरशुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध कई निजी कॉलेजों की स्थिति खराब है। विवि के परफॉरमेंस इंडेक्स में दर्जनों ऐसे कॉलेज हैं, जिनका स्तर सामान्य से कम है। ऐसे कॉलेजों को अपनी दशा सुधारने के लिए विवि ने चार महीने की मोहलत दी है। अधिकारियों का कहना है कि चार महीने के बाद भी अगर स्थिति नहीं बदली तो संबद्धता खत्म की जा सकती है।
नैक से ग्रेड पाने के लिए रविवि अपनी हालत को दुरुस्त करने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर दर्जनों ऐसे निजी कॉलेज हैं, जो सामान्य से नीचे हैं। विश्वविद्यालय के परफॉरमेंस इंडेक्स में इनका स्कोर 0.50 से कम है। इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी तो है, अधोसंरचना की हालत भी खराब है।
ऐसे कॉलेजों को अपनी दशा सुधारने के लिए विश्वविद्यालय ने चार महीने की मोहलत दी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि चार महीने में ये कॉलेज का स्कोर परफॉरमेंस इंडेक्स में 0.50 से ज्यादा नहीं हुआ तो इनकी संबद्धता खत्म की जा सकती है। गौरतलब है कि रविवि से संबद्ध करीब 242 शासकीय निजी कॉलेज हैं। निजी कॉलेजों की संख्या करीब डेढ़ सौ है। इन कॉलेजों के मूल्यांकन के लिए रविवि ने परफॉरमेंस इंडेक्स का फार्मूला बनाया है। पिछले साल भी इस फार्मूले के तहत निजी कॉलेजों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कॉलेजों की हालत खराब पाई गई।
इनमें से कुछ कॉलेजों की स्थिति तो बदली है लेकिन अब भी बड़ी संख्या में ऐसे कॉलेज हैं, जो परफॉरमेंस इंडेक्स में पिछड़े हैं।
निजी कॉलेजों को नोटिस
विश्वविद्यालयके मूल्यांकन में कई निजी कॉलेज ऐसे भी पाए गए हैं, जिसकी स्थिति बदत्तर है। ये कॉलेज सामान्य स्तर से भी काफी नीचे हैं। परफॉरमेंस इंडेक्स में इनका स्कोर 0.14 से थोड़ा ज्यादा है। बताया जा रहा है कि इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी और अन्य खामियां हैं। इसे लेकर विवि ने कॉलेजों को कुछ दिन पहले पत्र भेजा था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। इस वजह से विवि ने इन्हें नोटिस देकर पूछा है कि क्यों संबद्धता समाप्त की जाए।