रिम्स मेडिकल कॉलेज का फिर होगा निरीक्षण
रायपुर|मंदिर हसौदस्थित रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रिम्स की मान्यता का फैसला एक बार फिर अटक गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मान्यता पर फैसला सुरक्षित रखते हुए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्देश दिया है कि वे एक बार फिर रिम्स का निरीक्षण करे और यह देखें कि कॉलेज में एमबीबीएस की मान्यता देने लायक सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर है या नहीं। उसके बाद ही मान्यता पर फैसला लिया जाएगा।
इधर, राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज को सत्र 2014-15 के लिए मान्यता तो मिल गई है, लेकिन अगले सत्र की मान्यता के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग आए दिन वॉक इन इंटरव्यू आयोजित कर रहा है, लेकिन डॉक्टर हैं कि डेढ़ लाख महीना पैकेज होने के बाद भी झांकने नहीं रहे हैं। यह पैकेज रायपुर मेडिकल कॉलेज से ज्यादा है। डीएमई कार्यालय में शुक्रवार को प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसआर, जेआर डेमोंस्ट्रेटर के 122 खाली पदों के लिए शुक्रवार को वॉक इन इंटरव्यू रखा था। शाम तक एक भी डाॅक्टर डीएमई कार्यालय नहीं पहुंचे। प्रोफेसर के 15, एसोसिएट प्रोफेसर के 12, असिस्टेंट प्रोफेसर के 22 खाली पद है। सीनियर रेसीडेंट के 23, जूनियर रेसीडेंट के 27 डेमोंस्ट्रेटर के 23 पद खाली है। खाली पदों को नहीं भरने पर नए सत्र की मान्यता के लिए परेशानी सकती है।
एक महीने के भीतर एमसीआई की टीम निरीक्षण के लिए सकती है।
अब तक 98 एडमिशन: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजनांदगांव कॉलेज को 100 सीटों के लिए मान्यता दी है। 98 स्टूडेंट ने एडमिशन भी ले लिया है। सेंट्रल पुल की दो सीट खाली है, जिसे 30 सितंबर तक हर हाल में भरा जाना है।
वेतन एक नजर में
पद रायपुर राजनांदगांव
प्रोफेसर 90 हजार 1.50 लाख
एसो. प्रोफेसर 80 हजार 1.20 लाख
असि. प्रोफेसर 50 हजार 65 हजार