शंकर नगर में कोबरा, डीडीनगर में करैत
सोमवार और मंगलवार को दिन में 10 सांप पकड़े गए। हर रोज कहीं कहीं पकड़े जाते है सांप
ठाकुररामयादव | रायपुर
शंकरनगर और खम्हारडीह की पॉश कालोनी में कोबरा और डीडीनगर में खतरनाक करैत सांप लगातार निकल रहे हैं। रायपुरा इलाके में दुर्लभ लेकिन बेहद जहरीले माने जाने वाले रसैल वाइपर सांप पकड़े गए। माना और सेजबहार में बेंडेड करैत निकला। काले रंग का यह विषधर राजिम के जंगलों में पाया जाता है। इसे पहली बार पकड़ा गया है। सांप पकड़ने वाली संस्था को रोजाना औसतन एक दर्जन फोन पॉश कालोनी और पुराने मोहल्लों से रहे हैं। सोमवार को संस्था की रेस्क्यू टीम ने तीन सांप पकड़े। मंगलवार को दोपहर बाद हुई तेज बारिश के बाद शहर के दर्जनभर इलाके में सांप निकले। वन विभाग ने चार साल पहले नोवा नेचर संस्था को सांप पकड़ने के लिए अधिकृ किया है। उसके बाद से संस्था शहर के अलग-अलग इलाकों में सांप निकलने की सूचना पर सिर्फ जहरीले सर्प पकड़ रही बल्कि उसका रिकार्ड तैयार कर रही है। संस्था अब तक एक हजार से ज्यादा सांप पकड़े और उन्हें जंगलों में छोड़ा है। उसी रिकार्ड की भास्कर ने पड़ताल की। उसके बाद यह तस्वीर सामने आई कि शहर के किस इलाके में किस किस्म के सांप ज्यादा निकल रहे हैं? शहर के हालांकि अलग-अलग इलाकों में हर किस्म के सांप निकल रहे हैं, लेकिन ऐसे इलाके ऐसे भी हैं, जहां कुछ विशेष तरह के सांप ज्यादा निकले हैं। सबसे ज्यादा खतरनाक सांप के तौर पर जाना जाने वाला किंग कोबरा आउटर के चारों तरफ है।
लेकिन शंकरनगर और खम्हारडीह उसके आस-पास के इलाके में कोबरा बड़ी संख्या में निकल रहे हैं।
जहरीला करैत रविशंकर विवि कैंपस, सरोना के आसपास की बस्तियों से नया रायपुर में भी बाकी सांपों की तुलना में ज्यादा निकल रहे हैं।
भारत में सांप
पूरे भारत में सापों की 270 प्रजातियां हैं। इनमें से 60 प्रजाति के सांप काफी जहरीले हैं। देश में सबसे ज्यादा जहरीले सांपों में किंग कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ स्केल वाइपर है।
इनमें से पहले तीन प्रजाति के सांप छत्तीसगढ़ में भी पाए जाते हैं।
पहले से ही सांप है
^शहरमें पहले से ही सांप हैं। पहले इतनी बसाहट नहीं थी। ज्यादातर क्षेत्र खुले, जंगल और झाड़-झरोखे वाले थे। अब कालोनी और बस्ती बस चुकी है, इसी वजह से वे आए दिन देखे जाते हैं। बारिश में भोजन की