(पीके के प्रमोशन के दौरान रायपुर आए आमिर खान ने नक्सलवाद पर शो करने के बारे में भी बात की । )
रायपुर। रायपुर आने के बारे में क्यों सोचा सवाल के जवाब में आमिर ने कहा, मेरी मार्केटिंग टीम ने कहा कि हमें रायपुर आना चाहिए। हम सभी को चाह थी कि हम रायपुर आएं, क्योंकि की यहां कभी नहीं आए थे। यहां की सड़कें अच्छी लगी, अगर मुंबई के कैंपेरेजन में बात करूं तो ये शहर साफ है। सत्यमेव जयते में कोई शो नक्स्लवाद पर आएगा के सवाल पर अामिर ने कहा कि
मैं नक्सलवाद को पूरी तरह से समझ नहीं पाया हूं। पहले मैं इसे अच्छी तरह से समझूंगा और रिसर्च के बाद ही इस विषय को शो पर लाउंगा।
पीके का आइडिया 10 साल पहले आया
पीके के राइटर अभिजात ने बताया कि जब 2004 में लगे रहो मुन्नाभाई कर रहे थे, तब पीके का आइडिया आया। तब लगा कि आगे चलकर एक ऐसी मूवी बनाएंगे और दस साल बाद यानी 2014 में ये सपना पूरा हो पाया। फिल्म में आमिर का अभिनय सराहा जाएगा। इस फिल्म आमिर ने अब तक का ग्रेट परफॉर्मेंस दिया है।
भास्कर रीडर्स के लिए मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने दिए टिप्स
आमिर ने कहा कि मैं खुद को परफेक्ट नहीं मानता हूं, मुझे नहीं मालूम कि मुझे मिस्टर परफेक्शनिस्ट का टैग कैसे मिल गया। लेकिन जीवन के अनुभव से मैं युवाओं से कुछ बातें कहना चाहूंगा।
यह बात हमेशा याद रखिए कि कोई भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता।
- सपने जरूर देखिए।
- सपनों को सच करने की हरसंभव कोशिश करें ।
- सपने सच करने की कोशिश में कुछ कांप्रोमाइज करना पड़ता है, हर चीज हमें नहीं मिल सकती, इसलिए फ्लेक्सिबल एप्रोच रखिए।
- हमेशा ईमानदारी से काम करिए।
- अापकी असली खुशी किसमें है यह समझिए।
- कुछ तकलीफ सहने के लिए तैयार रहिए।
- दिल की सुनिए, दिल हमेशा सच बोलता है।
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