रायपुर । सालभर के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार एयरपोर्ट पर यात्रियों को एयरोब्रिज के रूप में बड़ी सौगात मिल गई है। एयरपोर्ट से अब सभी यात्री लाउंज से होते हुए सीधे विमान में प्रवेश कर सकेंगे। नई टर्मिनल बिल्डिंग के दो एयरोब्रिज का शनिवार को डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविवेशन) की तकनीकी टीम ने सफल टेस्टिंग की है। टीम के इंजीनियरों ने लगभग चार घंटे तक एयरोब्रिज की जांच की।
रायपुर का एयरोब्रिज सभी मापदंडों में पूरी तरह से फिट रहा। इसके बाद उसे सुरक्षा का ओके सर्टिफिकेट दे दिया गया। पहला एयरोब्रिज यात्रियों के लिए रविवार को खोल दिया जाएगा। दूसरा एयरोब्रिज भी दो-तीन दिनों में खोल दिया जाएगा। पहले एयरोब्रिज की अधिकृत शुरुआत इंडिगो की दिल्ली फ्लाइट से की जाएगी। सुबह लगभग 8:30 बजे इस फ्लाइट को एयरोब्रिज से जोड़ा जाएगा। विमान से एयरोब्रिज में जाने वाले पहले यात्री केंद्रीय उड्डयन मंत्री महेश शर्मा होंगे। उनके साथ राज्य के संस्कृति मंत्री अजय चंद्राकर भी होंगे। इस फ्लाइट के बाद लगभग सभी फ्लाइट के यात्री एयरोब्रिज से आना-जाना कर सकेंगे।
गर्मी और बारिश से मिलेगी राहत
एयरपोर्ट लाउंज से निकलकर विमान तक पहुंचने के लिए लोगों को कई दूर तक पैदल चलना पड़ता था। यात्रियों को खासतौर पर गर्मी और बारिश में सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। अब यात्री एयरपोर्ट लाउंज से होते हुए सीधे विमान में दाखिल हो जाएंगे। एयरपोर्ट का लाउंज पूरी तरह से सेंट्रल एसी होने की वजह से लोगों को अब किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।
मलेशिया की कंपनी ने लगाया
स्वामी विवेकानंद टर्मिनल बिल्डिंग में दो-दो करोड़ की लागत से दो एयरोब्रिज बनाया गया है। एयरोब्रिज लगाने का काम मलेशिया की एक हाईटेक कंपनी ने किया है। एयरोब्रिज लगाने का काम लगभग छह महीने पहले ही पूरा हो गया था, लेकिन सुरक्षा सर्टिफिकेट नहीं मिलने की वजह से इसे शुरू नहीं किया जा रहा था। भास्कर ने यह खबर पहले ही प्रकाशित कर दी थी कि दिसंबर में दोनों एयरोब्रिज की टेस्टिंग के बाद इसे लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।