रायपुर। दोनों प्रमुख दलों की टिकटें घोषित होने के बाद प्रदेश भर में बगावत का दौर शुरू हो गया है। कहीं विरोध प्रदर्शन हो रहा है, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारे लग रहे हैं, प्रत्याशी बदलने का दबाव बनाया जा रहा है तो कहीं धमकियां दी जा रही हैं। कहीं इस्तीफे देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान हो गया है तो अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी का दामन थामने की खबरें भी आ रही हैं। दोनों ही दलों के वरिष्ठ लोग इस स्थिति से निबटने के लिए मंथन में जुटे हुए हैं।
रैली निकालकर जताया विरोध वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारे
राजनांदगांव में कांग्रेस के टिकट को लेकर खींचतान चलती रही। अंतत: विजय पांडे को टिकट मिलने से नाराज दावेदार नरेश डाकलिया के समर्थकों ने रैली निकालकर वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा में भी विरोध की सुगबुगाहट होती रही। जगदलपुर में कांग्रेस विधायकों के घर के बाहर दिन भर कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही। दोपहर बाद पार्टी की बैठक में स्थिति पर विचार किया गया। महापौर पद के प्रत्याशी मलकीत सिंह गैदू ने सबसे मिलकर चुनाव लड़ने की अपील की है। माना जा रहा है िक उन्हें बगावत नहीं तो भीतरघात का सामना करना पड़ेगा।
भाजपा में बगावत, देर रात तक अपील समिति करती रही मंथन
राज्य में नगरीय निकाय चुनाव के लिए नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों के महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष तथा पार्षदों के उम्मीदवारों का ऐलान होते ही संभावित उम्मीदवार बगावत पर उतर आए हैं। कांग्रेस-भाजपा दोनों में ही यह माहौल है। भाजपा की अपील समिति के पास लोग जत्थों के साथ पहुंचकर आवेदन देकर टिकट देने व काटने की मांग कर रहे हैं। अपील समिति ने तीन घंटे आवेदनों पर विचार किया, लेकिन कोई नतीजे न निकले पर देर रात फिर समिति की बैठक होती रही।
दोपहर अपील समिति की बैठक दो बार प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में घंटों चली। खबर है कि समिति ने किसी भी तरह का बदलाव न करने का फैसला लिया है। रायपुर नगर निगम के रवींद्र नाथ टैगोर वार्ड से भाजपा के उम्मीदवार चित्ररेखा साहू को बदलने की चर्चा है।
पहले दौर के लिए आवेदन जमा करने का कल अंतिम दिन है। इस वजह से कई संभावित उम्मीदवार निर्दलीय फार्म भर सकते हैं। बैठक में महामंत्री सरोज पांडेय, मंत्री रामविचार नेताम, सांसद नंद कुमार साय, संगठन महामंत्री रामप्रताप सिंह शामिल हुए। संवैधानिक पद पर बैठे भाजपा के एक बड़े नेता ने अपने निवास वाले वार्ड व दो-तीन और वार्डों में अपने समर्थकों के लिए टिकट मांगी ती, लेकिन उनकी एक न चली। वे काफी नाराज हैं। सूत्रों के मुताबिक राजनांदगांव के एक व्यवसायी ने राजकुमार फव्वानी का नाम आगे बढ़ाया है।
बगावत नहीं, भितरघात होगा
बिलासपुर. कांग्रेस में भारी खींचतान के बाद महापौर प्रत्याशी घोषित तो हो गया है और बगावत जैसे कोई हालात नहीं बने हैं। जानकारों का कहना है कि यहां बगावत नहीं, भीतरघात होगा। जोगी समर्थक अपने खेमे की पसंद के प्रत्याशी को टिकट न मिलने से नाराज हैं और उनकी नाराजगी चुनाव में गुल खिलाएगी, यह तय माना जा रहा है।
बगावत के बीच सूची अटकी
कोरबा. यहां दावेदारों का आक्रोश फूट पड़ा है। कईयों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद उषा तिवारी भी सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगी। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशियों को सुबह 10 बजे सुभाष चौक निहारिका में उपस्थित होने का आग्रह किया है। यही स्थिति दीपका नगर पालिका में है। कांग्रेस ने अभी तक महापौर प्रत्याशी ही घोषित की है। विधायक जयसिंह अग्रवाल की पत्नी रेणु अग्रवाल को प्रत्याशी बनाने के बाद कांग्रेस का एक खेमा नाराज हो गया है। महंत गुट में ही फूट पड़ गई है। इस वजह से पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत सारागांव में पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली रवाना हो गए हैं।
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