जगदलपुर। किसी दूर-दराज के इलाके में जरुरत पड़ने पर रात को फोर्स को पहुंचाने से लेकर इमरजेंसी में कहीं लैंडिंग करनी पड़े इसको देखते हुए फोर्स ने एक्सरसाइज शुरू की है। शहर और आसपास के इलाकों में देर रात तक हेलिकाॅप्टर से आकाश में अभ्यास हो रहा है। कई मर्तबे यह भी होता है कि हेलिकाॅप्टर की लाइट बंद करके उड़ाया जाता है।
माना जाता है कि अंधेरे में हेलिकाॅप्टर की आवाज जरूर सुनाई देती है, लेकिन ऑब्जेक्ट दिखाई नहीं पड़ता। एक तरह से सुरक्षा के सभी एंगल को ध्यान में रखते हुए अभ्यास चल रहा है। इसके अलावा कुछ समय पहले तक उड़ान का अभ्यास आसपास कम दूरी तक किया जा रहा था। फोर्स अंधेरे में आसमान में अपनी ताकत परख रही है। दो-तीन हेलिकाॅप्टर से हर दिन प्रैक्टिस चल रही है। इसका एक फायदा यह भी है कि ओडिशा सीमा से सटे और दंतेवाड़ा-बस्तर जिला की सीमाओं की रात में निगरानी भी हो रही है।
फोर्स की मूवमेंट तेज करने के साथ नाइट लैंडिंग का फायदा फोर्स को ऑपरेशन के समय मिलेगा। आने वाले समय में नक्सलियों के खिलाफ मुहिम जब तेज होगी तो हेलिकाॅप्टरों से फोर्स को लाना ले जाना आसान होगा। वहीं कई इलाकों में वक्त बे वक्त राशन पहुंचाना या बीमर जवानों को लाने की सुविधा बढ़ेगी।
कम कभी ज्यादा हाइट पर मंडराते हेलिकाॅप्टर:
आम तौर पर हेलिकाप्टर 8 से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं। प्रैक्टिस के दौरान कई बार काफी कम हाइट पर भी हेलिकाॅप्टर मंडराते हैं। नाइट लैंडिंग का अभ्यास पिछले कुछ महीनों से लगातार हो रहा है। टेक्टिशन को बदल कर फोर्स अपना काम कर रही है। ऊंचाई, दूरी, समय समेत अन्य चीजों का काफी ध्यान रखा जा रहा है। इसका फायदा विगत दिनों अधिकारियों को मिल भी चुका है। जब घायल जवानों को आपात स्थिति में रात को बेहतर इलाज के लिए यहां से ले जाया गया था। एडीशनल एसपी ऑपरेशन सुरजीत सिंह के मुताबिक इलाके की जरूरतों और परिस्थितियों के मद्देनजर समय-समय पर इंतजाम किए जाते हैं। लॉग रेंज पेट्रोलिंग सिक्यूरिटी ड्रिल और नाइट लैंडिंग जैसे अभ्यास भी फोर्स करती है। इस तरह की एक्सरसाइज फोर्स के काम का हिस्सा भी रहता है।