रायपुर. बीरगांव और माना के बाद राजधानी में आधार कार्ड के लिए बायोमैट्रिक्स निशान लेने का काम 27 जनवरी, सोमवार से शुरू होगा। शुरुआत सिविल लाइंस वार्ड से की जाएगी। लेकिन अब तक स्पष्ट नहीं है कि निशान लेने के लिए किस शिविर में किस व्यक्ति को बुलाया जाएगा। सिस्टम ये है कि जहां के भी बायोमीट्रिक्स निशान लिए जा रहे हैं, वहां तीन दिन पहले केवायआर फार्म बांटा जाता है। ये उन्हीं को मिलता है, जिनके निशान लेने होते हैं। इस फार्म में लोग अपनी पूरी जानकारी देते हैं और इसे लेकर शिविर पहुंचते हैं।
बायोमीट्रिक्स निशान उन्हीं के लिए जाने हैं, जिनका नाम नेशनल पापुलर रजिस्टर (एनपीआर) में जनगणना के दौरान दर्ज है। ऐसे लोगों को ही केवायआर फॉर्म भी दिया जाना है। सिविल लाइंस वार्ड में सोमवार से बायोमीट्रिक्स निशान लेने का काम शुरू होगा, लेकिन वहां अब तक केवायआर फार्म नहीं बंटे हैं।
बच्चों का भी बनेगा कार्ड
केंद्र सरकार की योजना के तहत आधार कार्ड बनाने के लिए लोगों के बायोमीट्रिक्स निशान लेने हैं। पांच साल के ऊपर के सभी लोगों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। जिनके पास पहले से आधार कार्ड है, केवायआर फॉर्म में आधार नंबर भरकर उसे शिविर में जमा करा सकते हैं। बायोमीट्रिक्स निशान लेने के बाद डाक से लोगों के घरों तक कार्ड पहुंचा दिया जाएगा।
राजधानी में 5 फरवरी तक
शहर में बायोमीट्रिक्स निशान लेने की शुरुआत राजभवन से की गई। अफसरों की उपस्थिति में राज्यपाल शेखर दत्त और उनकी पत्नी सुष्मिता दत्त के बायोमीट्रिक्स निशान लिए गए। 5 फरवरी तक छत्तीसगढ़ क्लब, आंबेडकर भवन सिविल लाइन, सचदेवा कॉलेज, स्कॉलर एकेडमी, पूज्य सिंधी पंचायत भवन, प्रीतम सिंह सैनी स्कूल और लायंस क्लब में लोगों के बायोमीट्रिक्स निशान लिए जाएंगे। रायपुर एसडीएम बीसी साहू ने बताया कि सिविल लाइंस के बाद बाकी वार्डो में भी यह काम जल्द शुरू होगा।
अव्यवस्था के बाद भी सुधार नहीं
शहर से पहले बीरगांव और माना में बायोमीट्रिक्स निशान लेने का काम किया जा रहा है, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों के चलते हर दिन वहां से दर्जनों लोगों की शिकायत कलेक्टर के पास पहुंच रही है। दोनों जगहों में फैली अव्यवस्था के बाद भी शहर के अफसरों ने इस काम को बेहतर ढंग से करने की कोई सीख नहीं ली। बीरगांव में अब तक 95 हजार लोगों के आधार कार्ड बन जाने थे, लेकिन वहां ये आंकड़ां 40 हजार को भी पार नहीं कर पा रहा है।