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बिलासपुर मेयर का टिकट, भूपेश के राम को मौका, जोगी के विष्णु दरकिनार

7 वर्ष पहले
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रायपुर / बिलासपुर। बिलासपुर महापौर प्रत्याशी का नाम तय करने के मामले में आखिरकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर भारी पड़ गए। भूपेश ने बिलासपुर के महापौर प्रत्याशी के लिए रामशरण यादव का नाम ही घोषित करवाया। जबकि जोगी विष्णु यादव को टिकट दिलाना चाहते थे। इसी बात को लेकर शुक्रवार की रात कांग्रेस भवन में जमकर विवाद हुआ था और अध्यक्ष पर कुर्सियां उछाली गई थीं।

रामशरण बिलासपुर के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री स्व. बीआर यादव के रिश्तेदार हैं। उनका मुकाबला भाजपा के किशोर राय से होगा। भूपेश और जोगी की खींचतान के कारण ही शनिवार को बिलासपुर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की जा सकी थी। कांग्रेस भवन में हुए विवाद का असर शनिवार को हुई कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में भी देखने को मिला। शनिवार की रात जब कांग्रेस भवन में बैठक हुई तो उसमें जोगी नहीं गए थे। इस विवाद के चलते ही पहले चरण के लिए नामांकन की तिथि खत्म होने के एक दिन पहले कांग्रेस टिकट तय कर पाई। रविवार को 100 अध्यक्ष प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया। इनमें नगर पालिका और नगर पंचायत दाेनों के ही प्रत्याशी तय किए गए हैं। 36 नगर पालिका और 63 नगर पंचायत के अध्यक्ष के प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने के बाद चुनाव समिति की फिर से बैठक बुलाई गई है। पहले चरण 19 नगर पालिका और 22 नगर पंचायतों में कल 15 दिसंबर को नामांकन की आखरी तारीख है।
कांग्रेस ने अभी तीन नगर पालिका और 42 नगर पंचायतों के प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। 1-2 दिन में बचे हुए निकायों के प्रत्याशियों का ऐलान किया जा सकता है।
कांग्रेस से ज्यादा गुटबाजी भाजपा में : अजीत जोगी
कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है, इसलिए गुटबाजी स्वाभाविक है। लेकिन चुनाव में सभी एक होकर पार्टी के लिए काम करते हैं। कांग्रेस से ज्यादा गुटबाजी तो भाजपा में हैं। दुर्ग में प्रेमप्रकाश पांडेय व सरोज पांडेय, बिलासपुर में अमर अग्रवाल व धरमलाल कौशिक के बीच भाजपा बंटी है।
-साजा में अजीत जोगी ने कहा
चुनावी माहौल के बीच शीत सत्र आज से
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। छोटा सत्र होने के बावजूद इसमें जमकर हंगामा होने के आसार हैं। कांग्रेस विधायकों ने सत्र में रोज सरकार को घेरने का फैसला किया है। इसके चलते विधानसभा की कार्यवाही बाधित रहेगी। नसबंदी कांड की वजह से स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल से इस्तीफा करने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक हंगामा करने वाले हैं। राज्य सरकार को सत्र के तीन दिन की कार्यवाही अनिवार्य रुप से चाहिए। पांच संशोधन विधेयकों के अलावा अनुपूरक बजट को पारित करवाना सरकार की मजबूरी है। इसमें पंचायती राज संशोधन विधेयक भी होगा। इसके पारित होने के बाद ही राज्य में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।