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निकाय चुनाव में भाजपा का नया फंडा, 'सबको साथ लेकर चलो'

7 वर्ष पहले
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रायपुर. बस्तर-सरगुजा में विधानसभा चुनाव में पिछड़ने के बाद भाजपा इस नतीजे पर पहुंची है कि जीतना है तो सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा। निकाय व पंचायत चुनाव के लिए इस फार्मूले को लेकर अब प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक व संगठन के नेता प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। वे अपने कार्यकर्ताओं को भी सभी वर्गों को पार्टी से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

एकात्म परिसर में आला नेताओं के बीच मंथन के बाद यह बात सामने आई कि परिस्थितियां बदल गई हैं। संगठन को मजबूत करना है तो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना पड़ेगा। यह सीख कार्यकर्ताओं को भी देने की योजना बनाई गई। उनसे यह भी कहा जा रहा है कि वे निचले तबके तक पहुंचें। खासकर उन क्षेत्रों में जहां भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है। वहां लोगों का भाजपा के प्रति दृष्टिकोण बदलने के लिए मेहनत की जाए। नगरीय निकाय सम्मेलनों के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से सुझाव भी लिए जाएं।
भाजपा का अगले तीन महीनों का एक ही लक्ष्य है- नगरीय निकाय व पंचायत चुनावों के जरिए शहरी व ग्रामीण सत्ता पर कब्जा जमाना। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर जिलों का सघन दौरा किया। यहां आदिवासियों और ईसाइयों के वोट निर्णायक हैं। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे किसी वर्ग से अछूते न रहें। हर वर्ग के पास पहुंचें। उनकी जो नाराजगी है उसे जानने और वरिष्ठ नेताओं को बताकर दूर करने की कोशिश करें।
कौशिक ने धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर व अंतागढ़ का भी दौरा पूरा कर लिया है। सभी जगह उन्होंने कार्यकर्ताओं के कान में यही मंत्र फूंका है। 30 सितंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद उनके मैदानी इलाकों में दौरे शुरू होंगे। भास्कर से कौशिक ने कहा कि जो साथ नहीं हैं उन्हें भी भाजपा से जोड़ना है। मालूम हो कि राज्य के रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर नगर निगमों समेत बड़ी नगर पालिकाओं में कांग्रेस का कब्जा है। भाजपा को इसी बात का मलाल है कि तीन बार राज्य की सत्ता हासिल करने पर भी वह खास निकायों में सत्ता में क्यों नहीं है।