रायपुर/भिलाई. ये हैं भिलाई की स्लम बस्तियों में रहने वाले बच्चे। उम्र है 8 से 16 के बीच और संख्या 70 के करीब। पर हैं औरों से बिल्कुल जुदा। स्कूल जाते हैं, पर लक्ष्य है हॉकी खिलाड़ी बनकर खुद का और देश का नाम रोशन करना।
इसके लिए वे होटलों में फटका मारकर, कबाड़ उठाकर और घरों में झाड़ू-पोंछा कर पैसे जुगाड़ रहे हैं। फिलहाल पुरानी स्टिक और सफेद गेंद से इनका अभ्यास चल रहा है। इनमें से दर्जन भर बच्चे तो नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।
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