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आउटर में बनेंगे बस अड्‌डे, बाहर से आने वाली गाडि़यों को नहीं मिलेगी शहर में एंट्री

6 वर्ष पहले
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रायपुर. ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने और सड़कों से गाड़ियों के दबाव को कम करने के लिए यात्री बसों की शहर में एंट्री रोकने की कवायद शुरू हो गई है। शहर में एंट्री करने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर आउटर में बस अड्डे बनाए जाएंगे। उसके बाद दूसरे शहरों से आने वाली बसों को वहीं रोक दिया जाएगा। यात्रियों को शहर लाने और यहां से ले जाने के लिए मिनी बसें चलाई जाएगी। बस अड्डों के लिए रावांभाठा, सड्डू, आमानाका और जोरा में जगह तय कर ली गई है।
जगदलपुर रुट से आने वाली बसों के लिए बस अड्डे की तलाश की जा रही है। शहर के नए ट्रैफिक प्लान पर परिवहन राजेश मूणत ने मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अमले ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है। बिलासपुर से आने वाली बसों को रावांभाठा में रोका जाएगा। बलौदाबाजार की बसों के लिए सड्डू में स्टैंड के लिए जगह तय की गई है।

सराईपाली मंदिरहसौद की ओर से आने वाली गाड़ियों को जोरा में रोक दिया जाएगा। भिलाई दुर्ग की बसों के लिए आमानाका का पुराना बस डिपो तय किया गया है। बसों को वहीं रोका जाएगा। राज्य परिवहन निगम का पूर्व में यहां बस डिपो हुआ करता था।
बसें पार्क करने के लिए यहां खासी बड़ी जगह है। इसी तरह रावांभाठा में बस स्टैंड तैयार है। वहां भी यह सिस्टम लागू करने में दिक्कत नहीं होगी।
सड्डू और जोरा में खासी जगह है। वहां केवल स्टैंड भवन तैयार करना होगा। जगदलपुर और धमतरी वाले रुट में ही दिक्कत आ रही है। यहां की बसों को शहर के आउटर में रोकने के लिए जगह की तलाश की जा रही है।
500 बसें आ रही है शहर में
भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव से हर तीन मिनट में बसें शहर में दाखिल होती है। केवल भिलाई-दुर्ग सड़क पर सौ से ज्यादा बसें चल रही है। बलौदाबाजार की ओर से 125, बिलासपुर और वहां से लगे शहरों की ओर से 100 बसें आ-जा रही हैं। आरंग, मंदिरहसौद और सरायपाली रूट पर भी चलने वाली 125 से ज्यादा बसें दिनभर एंट्री करती रहती हैं। इतनी गाड़ियों के एंट्री करने के कारण शहर का ट्रैफिक सिस्टम लगातार बिगड़ता जा रहा है। बसों की एंट्री बंद होने से शहर के बीचोबीच का ट्रैफिक सुधरेगा।
हर पांच मिनट में सिटी बस
बस अड्डे तक पहुंचाने के लिए हर 5 मिनट में एक बस मिलेगी। इस तरह यात्रियों को बस अड्डे तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। राजधानी को मिलने वाली नई 95 सिटी बसों का उपयोग किया जाएगा।
मार्च में मिल जाएंगी नई बसें
शहर को नई 95 सिटी बसें 31 मार्च के पहले मिल जाएंगी। नई बसें मिलने के साथ ही इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। नई बसों की खरीदी के लिए टेंडर और कंपनी पहले ही फाइनल हो गई है। शहर को पहली खेम में 34 और दूसरी खेप में बाकी की बची बसें मिल जाएंगी। इन बसों का संचालन कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।
किस रुट की बसों के लिए कहां बनेगा स्टैंड
>भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव से आने वाली बसों के लिए आमानाका डिपो को बनाया जाएगा स्टैंड।
>बिलासपुर, कवर्धा समेत उस ओर से आने वाली बसें बीरगांव रावांभाठा के बस अड्डे पर रोकी जाएंगी।
>बलौदाबाजार से आने वाली सड्डू के आसपास रोकी जाएंगी। यहां स्टैंड बनेगा।
>मंदिर हसौद, आरंग समेत उस ओर से आने वाली बसों के लिए ट्रेजर आई लैंड के पास जोरा में बनाया जाएगा स्टैंड।

हो रही जगह की तलाश
भिलाई-दुर्ग और बिलासपुर से आने वाली बसों के लिए शहर से बाहर कहां रोका जाएगा? जगह तय कर ली गई है। अभी बलौदाबाजार और धमतरी की ओर से आने वाली बसों को रोकने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। नई व्यवस्था से शहर का यातायात बेहतर स्थिति में होगा।
ठाकुर राम सिंह, कलेक्टर