रायपुर. सरकार के 11 साल पूरे होने के बाद बचे हुए चार सालों में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सही मायने में सीईओ होंगे। एक महीने के भीतर राज्य के 10 विभागों का पूरा डाटा तैयार हो जाएगा और उसके बाद मुख्यमंत्री हर सप्ताह इलेक्ट्रानिक डैश बोर्ड के जरिए विभागों के कामकाज की निगरानी व समीक्षा करेंगे। इन कामों की मानीटरिंग के लिए सरकार ने दुनिया की जानी-मानी कंपनी को कंसल्टेंट नियुक्त किया है। निजी कंसल्टेंट नियुक्त करने वाली छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली सरकार है। कंपनी ने साफ्टवेयर बनाने का काम प्रारंभ भी कर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि हर विभाग का रिपोर्ट कार्ड (की परफारमेंस इंडेक्स ) तैयार किया जाएगा। पूरे सिस्टम को मुख्यमंत्री सचिवालय के मार्गदर्शन में चलाया जाएगा। इसमें चिप्स और निजी कंपनी के अधिकारी काम करेंगे। पूरे प्रोसेस में विभागों के कामकाज की दो स्तर पर समीक्षा होगी। पहली समीक्षा मुख्य सचिव करेंगे। वे विभागीय सचिवों से बात करेंगे। उसके बाद मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों से बात कर हर विभाग को कसौटी पर कसेंगे। विभाग अगर बेंचमार्क के हिसाब से काम नहीं करेगा तो उसमें आवश्यक सुधार के लिए टाइम बाउंड कार्यक्रम दिया जाएगा।
कैसे होगा
विभाग में पिछले सप्ताह या पिछले महीने कामकाज कहां था और अब कहां है, यह देखने के लिए सीधे मुख्यमंत्री के पास इलेक्ट्रानिक डैश बोर्ड होगा। उसमें वे देखेंगे कि काम की प्रगति किस तरह हो रही है। उसके बाद संबंधित विभाग के मंत्री और अफसरों से बात करेंगे। उसी आधार पर मंत्रियों और विभागों के प्रमुख अफसरों का परफारमेंस तय किया जाएगा।
हर विभाग का काम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा
इस पूरे एक्सरसाइज में हर विभाग को काम करने का लक्ष्य दिया जाएगा, ठीक उसी तरह जिस प्रकार मार्केटिंग में टारगेट दिया जाता है। मसलन सिंचाई में राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं तो राष्ट्रीय औसत के बराबर आने का लक्ष्य। अगर राष्ट्रीय औसत के बराबर हैं तो उसमें अव्वल आने का लक्ष्य। सड़कों का मापदंड हो या फिर पानी, बिजली का। सभी में इसी प्रकार काम किया जाएगा। अगर किसी में और बहुत अच्छा काम हो रहा है तो उसको आगे ले जाकर देश के लिए रोड मॉडल बनाने का लक्ष्य दिया जाएगा।
पहले कौन-कौन से विभाग
ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, कृषि, महिला एवं बाल विकास, पीडब्लूडी, जलसंसाधन, आवास एवं पर्यावरण, उद्योग।