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डाउनलोड करेंरायपुर. झीरमघाटी कांड की जांच में अब लोकल अफसरों की टीम नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी एनआईए की मदद करेगी। दो एडिशनल एसपी सहित एक दर्जन अफसरों को दो माह के लिए एनआईए के साथ अटैच किया गया है। लोकल पुलिस के अफसर जगदलपुर में एनआईए की टीम के साथ रहकर जांच में मदद करेंगे। इससे जांच तेज होने के संकेत हैं।
झीरमघाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या के मामले की जांच मई में ही राष्ट्रीय अनुसंधान एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी। हत्याकांड के पीछे साजिश भी जांच का एक बिंदु है, लेकिन अभी एनआईए कुछ भी तथ्य स्थापित नहीं कर सकी है। इस बीच, शहीद नेता महेंद्र कर्मा के परिवार ने शिकायत की थी कि एनआईए को स्थानीय पुलिस मदद नहीं कर
रही है। इसलिए जांच धीमी है।
एनआईए से भी संकेत मिले थे कि स्थानीय नहीं होने के कारण उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए डीजीपी रामनिवास ने राज्यभर से दर्जनभर ऐसे अफसरों को एनआईए की मदद के लिए बस्तर में अटैच किया है, जो पहले भी वहां रह चुके हैं। फिलहाल अटैचमेंट दो माह का है। यह अवधि बढ़ाई जा सकती है।
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