रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निवास पर आयोजित जनदर्शन में
इराक से लौटे मजदूरों ने बताया कि उन्हें 25 साल बाद भी मजदूरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने उनका आवेदन तुरंत केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भिजवा दिया।
जांजगीर-चांपा जिले के कपिस्दा के जोहित राम जोशी ने जिले के परसाडीह, खरवानी, पिपरा, कपिस्दा, खजुरानी सहित विभिन्न गांवों के 41 मजदूरों की सूची मुख्यमंत्री को देकर बताया कि वे और उनके क्षेत्र के कई ग्रामीण वर्ष 1989-90 में
इराक गए थे। खाड़ी युद्ध छिड़ जाने के कारण उन्हें भारत सरकार ने वापस बुलवा लिया। तत्कालीन भारत सरकार की सलाह से मजदूरों के साथ संबंधित कम्पनी से राशि प्राप्त करने के लिए दावा पेश किया।
इसके आधार पर उन्हें एक लाख से पांच लाख रुपए तक मुआवजा दिया गया, जबकि अन्य सभी मजदूरों को 12 हजार 800 अमेरिकी डालर का भुगतान हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे उन्हें बकाया राशि दिलाने के लिए पहल करें।
मुख्यमंत्री ने उनसे दावे के संबंध में कुछ सुसंगत दस्तावेज मांगे ताकि निराकरण में आसानी हो। फिर भी इस प्रकरण को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से संज्ञान में लिया और उनका आवेदन आवश्यक परीक्षण के आग्रह के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भिजवाया।
शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा : मदरसा जिला शिक्षक संघ जशपुर के शिक्षकों ने सीएम को बताया कि 65 मदरसा शिक्षकों को वर्ष 2013-14 का वेतन अब तक नहीं मिला है। उनका वेतन वर्ष 2012-13 में स्नातकोत्तर शिक्षकों के लिए दस हजार रूपए और स्नातक शिक्षकों के लिए छह हजार रूपए था, लेकिन यह और भी कम कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इन शिक्षकों का आवेदन मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष को भेजकर तत्काल समस्या के निराकरण करने कहा।
मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों कहना था कि श्रमिक विगत लगभग 15 साल से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बताया गया है कि उनकी सेवाएं अब 31 मार्च 2015 के बाद समाप्त कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को त्वरित निराकरण करने कहा।
मुख्यमंत्री को दुर्ग जिले की मितानिनों ने बताया कि वे भिलाई नगर स्थित श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग में ए.एन.एम. का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उन्हें वर्ष 2014-15 में काऊंसिलिंग के माध्यम से वहां भेजा गया था। तब बताया गया था कि प्रशिक्षण शासकीय खर्च पर दिलाया जाएगा। लेकिन अब कॉलेज प्रबंधन द्वारा फीस जमा करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
दक्षिण-पूर्व-मध्य रेल्वे बिलासपुर के एप्रेंटिस उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों ने अन्य रेल मंडलों की तरह बिलासपुर रेल मंडल में भी 65 ऐसे एप्रेंटिसों को स्थायी नियुक्ति दिलाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री को चिकित्सा सहायता, सामुदायिक भवन निर्माण आदि विषयों से संबंधित कई आवेदन प्राप्त हुए। डॉ. सिंह ने कैंसर के एक प्रकरण में अम्बेडकर अस्पताल के अधिकारियों को मरीज का मुफ्त इलाज करने को कहा।