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च्वाइस सेंटरों में ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं, काम अटके

7 वर्ष पहले
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रायपुर. कलेक्टर की फटकार के बाद भी च्वाइस सेंटरों का काम पटरी पर नहीं लौटा है। केवल जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र ही नहीं बल्कि लोगों को जाति, आय और मूल निवासी प्रमाण पत्र के लिए भी तहसील दफ्तर के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दफ्तर से प्रमाण पत्र नहीं मिलने की वजह से लोगों के कई जरूरी काम अटक रहे हैं। स्कूलों में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं। छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। इतना ही नहीं जाति प्रमाण नहीं होने की वजह से बेरोजगार सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। गौरतलब है कि अभी 870 से ज्यादा आवेदन पेंडिंग है।

शहर में 44 च्वाइस सेंटर हैं। इन सेंटरों से हर दिन कई तरह के प्रमाण पत्रों के लिए दो सौ से ज्यादा आवेदन ऑनलाइन किए जा रहे हैं। तहसील में अफसरों की कमी के चलते सभी ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग हो गए हैं। गुरुवार को दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार 870 से ज्यादा लोगों के आवेदन अटके हुए हैं। ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की वजह से हर दिन पेंडिंग आवेदनों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। च्वाइस सेंटरों के संचालकों ने इसकी शिकायत कलेक्टर और एसडीएम से भी की।

इस मामले में च्वाइस सेंटरों के संचालकों और अफसरों की बैठक भी हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। च्वाइस सेंटरों के संचालक अब इस पूरे मामले को प्रमुख सचिव अमन सिंह के पास ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रमाण पत्र के लिए भी भटक रहे
शासकीय अस्पतालों से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने का सिलसिला अब भी ठीक ढंग से शुरू नहीं हुआ है। कलेक्टर की फटकार के बाद भी जिला और आंबेडकर अस्पताल में इसके लिए अलग से काउंटर नहीं बनाए गए हैं। लोग आवेदन करने और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं।

एक-एक सर्टिफिकेट बनने के लिए महीनों लग रहे हैं।
जिसे जिम्मेदारी उसको कई काम
च्वाइस सेंटरों से मिले ऑनलाइन आवेदनों को निपटारे के लिए गोबरा-नवापारा के तहसीलदार प्रकाश टंडन को जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें इस काम के साथ गोबरा-नवापारा तहसील का और निर्वाचन आयोग का भी काम देखना पड़ता है। इस वजह से वे च्वाइस सेंटरों से मिले ऑनलाइन आवेदनों का निपटारा नहीं कर पा रहे हैं। रायपुर तहसील में भी उनकी आमद कम होती है।

इससे तहसील में मिलने वाले आवेदनों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

तहसीलदार के भरोसे चल रहा काम
तहसील में अफसरों की भारी कमी है। रायपुर तहसील में केवल दो अफसर काम कर रहे थे। इनमें से एक बीआर मरकाम को हाल ही में निलंबित कर दिया गया था। उनका निलंबन तो खत्म किया गया, लेकिन उन्हें तहसील के काम से दूर कर दिया गया है। फिलहाल उनकी ड्यूटी निर्वाचन आयोग में लगाई गई है। दूसरे तहसीलदार हेमंत मत्स्यपाल को रायपुर तहसीलदार की जवाबदारी दी गई है। उनका भी सारा समय फिलहाल मतदाता सूची को अपडेट करने में ही बीत रहा है।

प्रभावित हो रहा काम
॥तहसील में अफसरों की कमी से काम प्रभावित हो रहा है। तहसीलदार के पास कई तरह का दायित्व होने से काम में देरी हो रही होगी। जरूरी प्रमाण पत्रों को जारी करने में देर नहीं की जाएगी।ञ्जञ्ज
बीसी साहू, एसडीएम