रायपुर. फर्जी राशन कार्ड के मामले में आम लोगों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। खाद्य विभाग के अफसरों ने राशन कार्ड को लेकर लोगों से दावा आपत्ति मंगवाई लेकिन उसका निराकरण नहीं किया, उल्टे राशन देने पर पाबंदी लगा दी। सोमवार को इस फरमान पर अमल जारी होते ही हड़कंप मच गया। राजधानी सहित राज्य के कई जिलों के दर्जनों राशन दुकानों में हंगामा हुआ। सौ से ज्यादा नाराज महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंच गईं। उन्होंने राशन कार्ड लेकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर से शिकायत की।
कलेक्टर ठाकुरराम सिंह ने उन्हें जांच करने का आश्वासन दिया, उसके बाद महिलाएं लौटी। उन्होंने आपत्तियों पर जल्द सुनवाई करने का वादा भी किया है। फर्जी राशन कार्डों की जांच के दौरान जिन लोगों के राशन कार्ड निरस्त किए गए थे, उनसे आपत्ति मंगवाई गई थी। उन्हें दावा करने को कहा तो गया था, लेकिन किस फार्मेट में यह नहीं बताया गया। लोगों ने सादे पेपर में अपना पक्ष लिखकर दे दिया। खाद्य विभाग की ओर से उन्हें किसी तरह की पावती नहीं दी गई। ऐसे में लोगों के पास कोई प्रमाण नहीं है कि उन्होंने कोई आपत्ति की है या नहीं। पड़ताल में पता चला है कि उन आवेदनों को अभी तक न तो कंप्यूटर पर चढ़ाया गया है और न ही कोई सुनवाई हुई है। राशन दुकानदार ऐसे परिवारों का भी राशन बंद कर दिया है।
उनका कहना है कि आपत्ति की है तो उसकी पावती दिखाओ तभी राशन मिलेगा। इस वजह से शहर के लगभग सभी राशन दुकानों में हर दिन लोग हंगामा कर रहे हैं। सोमवार को कई वार्डों से दर्जनों महिलाएं पहुंची, उन्होंने कलेक्टर और खाद्य विभाग के अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष विकास उपाध्याय ने बताया कि आदेश के चलते रायपुर समेत राज्यभर के लाखों लोगों को राशन मिलना बंद हो गया है।
सरकार ने इस आदेश को नहीं बदला तो हर मोहल्ले के राशन दुकानों में ताला लगा दिया जाएगा। जब तक सभी को राशन नहीं मिलेगा राशन दुकानों के ताले नहीं खोले जाएंगे।
12 लाख कार्ड निरस्त
राज्यभर में 12 लाख राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। इनमें से ढाई लाख लोगों ने दावा-आपत्ति दर्ज कराई है। राजधानी में ऐसे लोगों की संख्या 18 हजार से ज्यादा है। फिलहाल अफसरों ने यह तय कर दिया है कि जब तक नियम में संशोधन नहीं हो जाता ऐसे लोगों को राशन नहीं दिया जाएगा।
अब होगी एफआईआर
राज्य सरकार की ओर से फर्जी कार्डों को सरेंडर करने की मियाद सोमवार को पूरी हो गई। मियाद पूर होने के बाद राज्यभर में केवल 52 हजार और रायपुर में 830 लोगों ने ही अपने कार्ड सरेंडर किए हैं। अफसरों ने साफ कर दिया है कि अब किसी के पास भी फर्जी राशन कार्ड मिला तो उसके खिलाफ सीधे पुलिस में एफआईआर कराई जाएगी।
राशन कार्ड को लेकर राज्य सरकार से जैसे निर्देश मिले हैं उन्हीं नियमों का पालन किया जा रहा है। जिन्होंने दावा-आपत्ति की है उन्हें पावती लेनी थी। इन आपत्तियों पर जल्द ही सुनवाई की जाएगी। मामलों का निपटारा होने के बाद उन्हें भी राशन मिलना शुरू हो जाएगा। अब जिनके पास फर्जी राशन कार्ड मिला उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ठाकुर राम सिंह, कलेक्टर