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PICS: पुलिस ने सरेआम बरसाए डंडे तो लोगों नें मूंह पर लगा दी कालिख

7 वर्ष पहले
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रायपुर. राशन कार्ड, धान पंजीयन और जाति प्रमाण-पत्र बनाने में हो रही देरी को लेकर प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के नेतृत्व में सोमवार को पाटन में किया गया धरना-प्रदर्शन उग्र हो गया। कांग्रेस नेता बैरिकेड तोड़ते हुए एसडीएम कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। समझाने के बाद भी जब वे नहीं माने तो पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं। पानी की तेज फुहारें छोड़ी गईं। इससे आक्रोशित कांग्रेसियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। उन पर कालिख फेंकी। उन्होंने एसडीएम कार्यालय के दरवाजों के कांच भी तोड़ दिए। इस दौरान करीब दस कांग्रेसी घायल हो गए।
कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज पुलिस पर फेंके पत्थर
राशन कार्ड, धान पंजीयन और जाति प्रमाण पत्र बनाने में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सोमवार को पाटन में धरना दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता एसडीएम कार्यालय का घेराव करने बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने भीड़ पर जमकर लाठियां बरसाईं। कार्यकर्ता इस पर भी नहीं माने तो उन पर पानी की तेज फुहारें छोड़ी गईं। कार्यकर्ताओं की आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। उन्होंने एसडीएम कार्यालय के दरवाजों के कांच तोड़ दिए। एसडीएम और तहसीलदार को सुरक्षा देने के लिए खड़े पुलिस वालों पर कालिख फेंकी गई। उन्होंने पुलिस वालों को भी दौड़ाया। अंत में जिला प्रशासन द्वारा एसडीएम और तहसीलदार को हटाने के आश्वासन के बाद वे शांत हुए।
पाटन प्रदेश अध्यक्ष बघेल का विधानसभा क्षेत्र है। वहां उन्होंने एक दिवसीय धरने का आयोजन किया था। इसमें सांसद ताम्रध्वज साहू समेत कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। धरने के बाद सभी कांग्रेसी एसडीएम कार्यालय का घेराव करने निकले। स्वामी आत्मानंद चौक पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। कांग्रेसियों ने बैरिकेड को धक्का लगाकर तोड़ दिया। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं। इससे बात नहीं बनी तो लाठीचार्ज शुरू कर दिया। कांग्रेसी आगे बढ़ते हुए दूसरे बैरिकेड को भी तोड़ने में कामयाब हो गए। आक्रोशित भीड़ एसडीएम कार्यालय के परिसर में घुस गई। पुलिस ने कार्यालय को चारों ओर से घेर लिया था। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर, ईंट और कांच के टुकड़े फेंके। इससे कार्यालय के दरवाजे- खिड़कियों में लगे कांच टूट गए। कांग्रेसियों ने पुलिस पर जला हुआ आइल, कालिख और स्याही भी फेंकी।
पुलिस वालों के कपड़े और चेहरों में इसकी छींटे पड़े। इस घटना में आधा दर्जन नेताओं को चोट लगी। कांग्रेस कार्यकर्ता अश्वनी देवांगन के सिर से खून बहने लगा। रूपचंद और गाला वर्मा को छाती में चोट लगी।
एसडीएम, तहसीलदार को हटाने की मांग
उग्र प्रदर्शन को देखते हुए दुर्ग जिला प्रशासन की ओर से एडिशनल कलेक्टर केके अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष बघेल से मिलकर उनकी मांगों को सुना। कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम सौम्या चौरसिया को आठ दिन के भीतर और तहसीलदार को दो दिन के भीतर हटाने की मांग की। एडिशनल कलेक्टर अग्रवाल ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों से परेशान थी जनता : बघेल
बघेल ने कहा कि राशन कार्ड के सत्यापन के लिए लोग एसडीएम और तहसीलदार के चक्कर काट रहे थे। छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र के लिए परेशान किया जा रहा था। महीनों से मनरेगा के मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ है। इससे जनता हलाकान थी। अगर प्रशासन एसडीएम और तहसीलदार को नहीं हटाता है तो कांग्रेस फिर प्रदर्शन करेगी।
टीआई बोले: न लाठी चलाई न पानी की बौछार
कांग्रेसियों के आरोपों के विपरीत पाटन टीआई टीएस साहू ने कहा कि कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। हमने किसी पर लाठीचार्ज नहीं किया। हमने पानी की बौछारे भी नहीं छोड़ीं और न ही उन पर आंसू गैस छोड़ी।
आगे की स्लाइड्स में देखिए घटना की तस्वीरें।