रायपुर. विदेशों और देश के अन्य राज्यों की तरह अब छत्तीसगढ़ भी किराए में कोख उपलब्ध कराने वाला राज्य बन गया है। रायपुर की एक महिला ने निसंतान दंपत्ति को संतान सुख देने के लिए नौ महीने अपनी कोख किराए पर दी है। खुशखबरी है कि राज्य की पहली पहल सफल रही।
शंकर नगर के एक निजी टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में एक महिला पहली सेरोगेट मदर बनी है। मेट्रो की तरह अब रायपुर में इसकी शुरुआत हो गई है। कुछ आर्थिक परेशानियों की वजह से नेहा (काल्पनिक नाम) ने सेरोगेट मदर बनना स्वीकार कर लिया। सेंटर की डायरेक्टर के पास पंजाब की एक दंपत्ति पहुंची।
महिला गर्भ धारण करने में सक्षम नहीं थी, लेकिन उन्हें बच्चे की चाह थी। सेंटर में टेस्ट ट्यूब के जरिए पति-पत्नी से आवश्यक अंडाणु और शुक्राणु लेकर भ्रूण तैयार किया गया। उस भ्रूण को नेहा के गर्भ में डाला गया। नेहा ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। शिशु को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
सेरोगेशन से पहले दंपत्ति और नेहा के बीच वकील की मौजदूगी में करार किया गया। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के निर्देशों का पालन कराते हुए अनुबंध हुआ।
इसके तहत जन्म बच्चे को सभी पैतृक अधिकार मिलेंगे।