रायपुर. कोटा के संजीवनी वृद्धाश्रम में शनिवार शाम शहनाइयां गूंजेंगी। महेश और रामकली वृद्धाश्रम में सात फेरे लेंगे। शादी की सारी रस्में आश्रम के आंगन में ही पूरी की जाएंगी। फेरों के बाद रामकली का कन्यादान वृद्धाश्रम के बुजुर्ग करेंगे।
बेटी को विदाई भी आश्रम से ही दी जाएगी। महेश और रामकली पैरों से विकलांग हैं। उनका वृद्धाश्रम से कोई नाता तो नहीं है, लेकिन उन्होंने वृद्धाश्रम के बुजुर्गो को सम्मान देने की यह अनूठी पहल की है।
रामकली और महेश खेमानी का परिवार विवाह और उनके फैसले से सहमत है। शादी के दिन रामकली सुबह से आश्रम पहुंच जाएगी। एक ओर उसे सजाने-संवारने की तैयारी होगी तो दूसरी ओर विवाह की वेदी सजेगी।
शाम छह बजे लगन का समय तय किया गया है। एक घंटे पहले बारात आश्रम पहुंचेगी। शादी में आश्रम के वृद्ध घरातियों की तरह शरीक होंगे।
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