रायपुर। भाजपा अध्यक्ष
अमित शाह का एक दिन का दौरा छत्तीसगढ़ भाजपा को एक दिशा दे गया। खासकर रमन सरकार के कामों को शाह ने जिस तरह से अपनी पार्टी की उपलब्धि बताकर तारीफ की है वह महत्वपूर्ण है। उन्होंने साफ-साफ संदेश दे दिया कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की सारी आशंकाएं बेकार हैं। यहां किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होने जा रहा है।
नसबंदी कांड और नक्सली हिंसा के बाद लगातार उड़ रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए शाह ने संकेत दे दिया है कि रमन के पीछे पूरी पार्टी खड़ी है। शाह ने कार्यकर्ताओं के सामने भरी सभा में और उसके बाद सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों की बैठक में इस बात पर विशेष तौर पर जोर डाला कि राजनीतिक स्थिरता के चलते ही छत्तीसगढ़ आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जिस तरह 11 सालों में आगे बढ़ा है, उसी प्रकार आगे भी काम होगा। यहां तक कि सरकार की आलोचनाओं वाले सवालों के जवाब में उन्होंने यह कहने से भी परहेज नहीं किया कि एकाध घटना से आप सरकार के 11 सालों के कामों को भुला नहीं सकते।
पार्टी बैठक में उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ के बारे में रमन सिंह ही फैसला करेंगे। कुछ प्रमुख नेताओं के साथ हो रही चर्चा में भी शाह का रुख यही दिखा। उनकी बातों से यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी के भीतर और बाहर जो लोग सरकार विरोधी माहौल बनाने में लगे हैं, उनका पार्टी में महत्व नहीं है।
काम करके दिखाना होगा
शाह ने पार्टी पदाधिकारियों से साफ साफ कहा है कि सकारात्मक सोच के साथ काम करना होगा। सरकार में हों या संगठन में, जिनके पास जो काम है, वह सही दिशा में करके दिखाना होगा। विरोध के स्वर उनको मंजूर नहीं है। उन्होंने समय-समय पर अपने तेवर दिखाने वाले या शिकवा शिकायत की राजनीति करने वालों को कह दिया है-इस तरह के कदम उनके लिए ही सुसाइडल होंगे। यानी उनको पार्टी लाइन से बाहर जाकर काम करने वाले नहीं चाहिए।
सबसे बड़ी पार्टी बनाने का लक्ष्य
संगठन के नेताओं के साथ चर्चा में शाह ने अपने मन की बात खुलकर कही। वे यह चाहते हैं कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के तौर पर सामने आए। इसलिए उन्होंने सदस्यता अभियान से जुड़े पदाधिकारियों को पूरी तन्मयता के साथ काम करने के लिए कहा है।