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ओडिशा से अपहृत दो छात्राओं को यहां बेचने की कोशिश नाकाम

7 वर्ष पहले
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रायपुर. ओडिशा के भवानीपटना जिले के हल्दी गांव की रहने वाली दो नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर रायपुर ला लिया गया। उन्हें बेचने की साजिश थी। पुलिस को भनक लग गई। घेरेबंदी की गई, और दोनों छात्राओं को खमतराई और गुढिय़ारी के अलग-अलग मकानों में छापे मारकर बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया गया। दोनों छात्राएं जिन घरों में मिली हैं, वहां के दो लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक यह मामला मानव तस्करी का हो सकता है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

ओडिशा की रहने वाली दोनों छात्राएं 14 और 15 साल की हैं। दोनों 16 जनवरी को एक मेले में गई थीं। वहीं दोनों बदमाशों के जाल में फंसी। उनके घर वालों ने उनके गायब होने की रिपोर्ट भवानीपटना के थाने में लिखवाई। पुलिस ने पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। बाद में क्लू मिलने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कर उनकी खोजबीन शुरू कर दी। हफ्तेभर बाद छात्राओं ने अपने घर वालों को मोबाइल पर कॉल किया। ओडिशा पुलिस ने मोबाइल लोकेशन की पड़ताल की। उनका लोकेशन रायपुर में मिला। ओडिशा से एक टीम रायपुर भेजी गई। यहां ओडिशा पुलिस और रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने मोबाइल का लोकेशन पता लगाकर गुढिय़ारी के मुर्रा भट्ठी इलाके में रहने वाले विनायक ठाकुर के घर दबिश दी। विनायक के घर 14 साल की छात्रा मिल गई। उसने पुलिस को बताया कि उसे रायपुर लाया गया था। यहां उसे काम दिलाने का झांसा दिया गया था।

शहर के बाहर ले जाने की थी प्लानिंगपुलिस को 14 वर्षीय छात्रा ने पूछताछ में बताया कि उसने यहां रहते-रहते उन लोगों की बातें सुनी। उसे यह आभास हो गया कि वे लोग उन्हें किसी महानगर में बेचने की प्लानिंग कर रहे हैं। बात-बात में उसे यह भी संकेत मिला कि किसी पार्टी से उनकी डीलिंग चल रही थी। सौदे की रकम फाइनल होने बाकी था। इस आधार पर पुलिस यह आशंका लगा रही है कि यह मामला मानव तस्करी का हो सकता है। युवतियां गरीब परिवार से हैं। दोनों 10-11 वीं क्लास में पढ़ती हैं। उन्हें रायपुर-केसिंगा लोकल ट्रेन में बिठाकर रायपुर ला लिया गया।

पुलिस ने कराया मेडिकल चेकअप

15 वर्षीय दूसरी छात्रा आरवीएच कॉलोनी से बरामद की गई। वह सीमा सोना के मकान में रह रही थी। पुलिस ने दोनों का मेडिकल चेकअप करवाया और ओडिशा ले गई। वहां दोनों को कानूनी प्रक्रिया के बाद घर वालों को सौंप दिया गया। राष्ट्रीय स्तर के मानव तस्करी संस्था शक्ति वाहिनी के ऋषिकांत ने बताया कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। क्योंकि यह मानव तस्करी का मामला हो सकता है। ओडिशा के कालाहांडी और भवानी पटना इलाके से पहले भी नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करी के तौर पर बाहर बेचा जा चुका है। दिल्ली और आसपास के इलाकों से कई युवतियां और छात्राएं छुड़ाई गई हैं।