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डाउनलोड करेंरायपुर. पुलिस और जेल वेलफेयर पेट्रोल पंप की उधारी डेढ़ करोड़ होने के बाद कंपनी ने पेट्रोल की सप्लाई रोक दी है। पंप में ज्यादातर सरकारी वाहनों में उधार में पेट्रोल भरे जाते हैं। पेट्रोल नहीं होने के कारण सरकारी वाहनों को निजी पंपों से पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार सरकारी विभाग से पुलिस पेट्रोल पंप को उधार की रकम नहीं मिल रही है।
इस वजह से पेट्रोल पंप के संचालक कंपनी को पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। उधार ज्यादा होने के बाद पंप को पेट्रोल मिलना बंद हो गया। पिछले 15 दिनों से यही हालात हैं। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि चुनाव के दौरान तमाम विभागों की गाडिय़ों में लाखों रुपए का ईंधन भरवाया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस की भी तमाम गाडिय़ां सुरक्षा में तैनात रहीं, जिनके ईंधन का पैसा नहीं मिला। इस वजह से दिक्कतें बढ़ती गईं और पेट्रोल पंपों के पास कंपनियों से ईंधन खरीदने को पैसा नहीं रहा।
शहर के पुलिस और जेल के पेट्रोल को तकरीबन 17 विभागों से करीब डेढ़ करोड़ उधारी लेनी है। पुलिस लाइन के आरआई गुरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन के पेट्रोल पंप में ही अकेले 70 लाख रुपए की रकम बकाया है। यहां पुलिस विभाग के अलावा 14 अन्य विभागों की गाडिय़ों में भी ईंधन भरा जाता है। सभी विभागों से 2-10 लाख तक की रकम बकाया है। सरकार के शासन काल का पहला सत्र शुरू होने के बाद बजट जारी हुआ है। एक हफ्ते में दिक्कत दूर होने की उम्मीद है।
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