रायपुर. प्रदेश के युवा फिल्म मेकर श्रृंजय ठाकुर द्वारा निर्देशित शाॅर्ट फिल्म लाइफ को साउथ एशिया फिल्म फेस्टिवल में सराहना मिली है। फिल्म के लिए श्रृंजय को सिल्वर कौमा अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। फिल्म फेस्टिवल 18 से 21 सितंबर तक अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में आयोजित किया गया था।
संभवत: ये पहला मौका है जब छत्तीसगढ़ के किसी शख्स की फिल्म साउथ एशिया फिल्म फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई और सराही भी गई। भारत सहित दुनिया के कई अन्य साउथ एशियन कंट्रीज से आई एंट्रीज में से श्रृंजय की फिल्म को चुना गया। फेस्टिवल में 14 शॉर्ट फिल्म और 13 डॉक्यूमेंट्री दिखाई गईं। श्रृंजय ने बताया कि 15 मिनट की फिल्म लाइफ की शूटिंग पिछले साल महज चार दिन में की गई थी। पूरी फिल्म राजनांदगांव में शूट की गई है। श्रृंजय वर्तमान में दिल्ली में खुद के प्रोडक्शन हाउस से फिल्म मेकिंग कर रहे हैं।
ये है लाइफ की कहानी
सामाजिक जीवन में इंसानों पर जबरिया थोपी जाने वाली चीजों से प्रभावित होकर ये फिल्म बनाई है। इसमें एक अधेड़ को दिखाया गया है, जो
मोबाइल फोन पर आने वाले कई तरह की स्कीम से जुड़े कॉल्स से हमेशा परेशान रहता है। एक दिन उसके फोन में अजीबो गरीब स्कीम एक्टिवेट हो जाती है। लाख कोशिशों के बावजूद वो स्कीम डीएक्टिवेट नहीं होती। इसी आपाधापी से फिल्म में लोगों को एंटरटेन करने की कोशिश की गई है।
...तब कंप्यूटर नहीं था
फिल्म सीमित संसाधनों में बनाई गई है। श्रृंजय ने बताया कि शूटिंग तो चार दिनों में पूरी कर ली थी। सबसे बड़ी चुनौती पोस्ट प्रोडक्शन का काम था। इसके लिए कंप्यूटर नहीं था। दोस्तों और परिचितों से कुछ दिनों के लिए लैपटॉप लेता था, फिर एडिटिंग करता था। कंप्यूटर न होने की सूरत में कुछ दिनों तक काम रुका रहता था। अब स्थिति सुधर गई है। मेरा मकसद बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर के रूप में पहचान बनाना है।
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