रायपुर. बंगला खाली करने को लेकर दिल्ली के बाद अब रायपुर में भी राजनीतिक पारा गर्मा गया है। राज्य संपदा विभाग के नोटिस के बाद बंगलों में जमे पूर्व मंत्रियों और विधायकों में हड़कंप मच गया है। सभी से हफ्ते भर के भीतर बंगले खाली करने को कहा गया है। इस बीच कई पूर्व मंत्रियों और विधायकों ने आनन-फानन में अपने बंगले और सरकारी आवास खाली भी कर दिए हैं जबकि अभी भी आधा दर्जन से ज्यादा पूर्व मंत्री और विधायक इन बंगलों में जमे हुए हैं।
बंगले खाली करने को लेकर राजनीतिक पारा उस समय चढ़ गया है, जब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अजीत जोगी ने बंगलों में जमे पूर्व मंत्रियों और विधायकों का यह कहकर समर्थन किया कि बंगला खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। सूत्रों की मानें तो राज्य संपदा विभाग ने इस दौरान करीब दर्जन भर पूर्व मंत्रियों और विधायकों को बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था लेकिन अभी भी कई पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक इन बंगलों में जमे हैं। इन पर काफी बकाया भी है।
इन्हें नोटिस: बंगले खाली कराने के लिए जिन पूर्व मंत्री-विधायकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें ननकी राम कंवर, लता उसेंडी, सिद्धनाथ पैकरा, नारायण चंदेल, भीमा मंडावी, शक्राजीत नायक, रेणुका सिंह, ताम्रध्वज साहू शामिल हैं।
नए विधायकों को देने हैं बंगले-सीएम : बंगलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधायकों को बंगले देने हैं इसलिए इन्हें खाली कराया जा रहा होगा। राज्य संपदा विभाग की ओर से ऐसी कार्रवाइयां की जाती हैं।
मेरे पास दो हजार रुपए नहीं, 2.40 लाख रुपए कहां से लाऊंगा: ननकीराम
पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने शासन के नोटिस के जवाब में कहा कि मेरे पास दो हजार रुपए भी नहीं तो मैं दो लाख 40 हजार रुपए कहां से लाऊंगा। इतना पैसा लाने के लिए तो मुझे अपनी जमीन बेचनी पड़ेगी। मैंने सीएम से यह राशि माफ करने के लिए चिट्ठी लिखी है। उल्लेखनीय है कि मंत्री पद छोड़ने के बाद भी बंगले को अपने कब्जे में रखने की वजह से उनको शासन ने दो लाख 40 हजार रुपए जमा करने का नोटिस दिया है।