बिलासपुर. जिला पंचायत दफ्तर में तोड़फोड़ और गाली-गलौज करने के मामले में पुलिस ने बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक व उनके समर्थकों पर जुर्म दर्ज किया है। शिक्षाकर्मी बहू का वेतन काटने के बाद सीईओ पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्होंने शनिवार को यहां जमकर हंगामा किया था और धरने पर बैठ गए थे। जिला पंचायत के प्रोग्राम आफिसर अर्चना मिश्रा सहित 42 कर्मचारियों की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
25 जनवरी की शाम करीब 4 बजे बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक अपने समर्थकों के साथ जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे और सीईओ के कमरे में घुसने की कोशिश की थी। सीईओ की अनुपस्थिति से बिफरे विधायक ने केबिन के दरवाजे को लात मारकर तोड़ दिया था। उनके समर्थकों ने भी सामने रखीं कुर्सियां तोड़ दी थी। इस मामले में जिला पंचायत के पीओ अर्चना मिश्रा सहित 42 अधिकारी, कर्मचारियों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इसके आधार पर पुलिस ने पीओ रिमन सिंह को प्रार्थी बनाते हुए विधायक सियाराम कौशिक एवं अन्य के खिलाफ सोमवार को प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने विधायक और समर्थकों को भादवि की धारा 448, 294, 506, 427, 186 एवं 34 के तहत सीईओ के कमरे में अनधिकृत प्रवेश, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने, तोड़फोड़ करने व शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोपी बनाया है।
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