रायपुर. छत्तीसगढ़ भी अब ई-गजट पेश करने वाले राज्यों में शामिल होगा। अभी इसमें केंद्र सरकार सहित देश के छह राज्य ही शामिल हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने भी इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। राज्य सरकार की मानें तो इससे गजट यानी राजपत्र की छपाई और उसमें होने वाली लेटलतीफी के झंझट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही वह आम जनता के लिए भी सर्वसुलभ होगा। मौजूदा व्यवस्था में यह अभी सिर्फ सरकारी कार्यालयों की ही शोभा बढ़ाते हैं। राज्य सरकार इस बीच इस व्यवस्था को लागू करने से पहले उन सारे कानूनी पहलुओं का भी अध्ययन करने में जुटी है, जो इसकी राह में अभी रोड़ा बन रहे हैं। साथ ही उन सारे राज्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है जहां यह व्यवस्था लागू है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो ई-गजट को लागू करने से पहले राज्य सरकार को गजट नोटिफिकेशन के पुराने प्रावधानों में बदलाव भी करना पड़ेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत गजट नोटिफिकेशन प्रिंटिंग के जरिए किया जाता है। साथ ही इसे प्रिंटिंग की तारीख से ही प्रभावी माना जाता है।
छत्तीसगढ़ भी अब ई-गजट पेश करने वाले राज्यों में शामिल होगा। अभी इसमें केंद्र सरकार सहित देश के छह राज्य ही शामिल हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने भी इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है।
राज्य सरकार की मानें तो इससे गजट यानी राजपत्र की छपाई और उसमें होने वाली लेटलतीफी के झंझट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही वह आम जनता के लिए भी सर्वसुलभ होगा। मौजूदा व्यवस्था में यह अभी सिर्फ सरकारी कार्यालयों की ही शोभा बढ़ाते हैं। राज्य सरकार इस बीच इस व्यवस्था को लागू करने से पहले उन सारे कानूनी पहलुओं का भी अध्ययन करने में जुटी है, जो इसकी राह में अभी रोड़ा बन रहे हैं। साथ ही उन सारे राज्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है जहां यह व्यवस्था लागू है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो ई-गजट को लागू करने से पहले राज्य सरकार को गजट नोटिफिकेशन के पुराने प्रावधानों में बदलाव भी करना पड़ेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत गजट नोटिफिकेशन प्रिंटिंग के जरिए किया जाता है। साथ ही इसे प्रिंटिंग की तारीख से ही प्रभावी माना जाता है।
यह होगा फायदा
यह आमलोगों की पहुंच में होगा। अभी गजट सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक ही सीमित रहते हैं।
प्रिटिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी। अभी प्रिंटिंग के चलते नोटिफिकेशन में देरी होती है। इसके चलते काम-काज भी प्रभावित होते हैं।
समय और पैसे दोनों की बचत होगी। अभी प्रिटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन आदि पर काफी पैसा भी खर्च होता है।