रायपुर. आंबेडकर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में भर्ती मरीज को निजी अस्पताल जाने के लिए दबाव डालने का मामला आया है। पोस्टिंग इंटर्नशिप के छात्र इस मामले में जांच के घेरे में हैं। विधायक राजकमल सिंघानिया ने स्वास्थ्य मंत्री व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिख डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम बलौदी निवासी सीताराम निषाद ने हादसे के बाद अपने पुत्र रामप्रताप को वार्ड 12 में 28 अप्रैल को भर्ती कराया था। रामप्रताप की जांघ की हड्डी टूट गई है। उसका आरोप है कि यहां पोस्टिंग इंटर्न ने सीताराम को गुमराह करते हुए अच्छा इलाज नहीं होने का झांसा दिया और मरीज को लोधीपारा चौक स्थित एक निजी नर्सिग होम ले जाने को कहा।
एक पर्ची में नर्सिग होम का पता व डॉक्टर का नाम भी लिखकर दिया। नहीं ले जाने पर ठीक से इलाज न करने की धमकी भी दी गई। मामले को गंभीर बताते हुए अस्थि रोग विभाग के एचओडी एएस दाऊ ने ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो बेहद गंभीर मामला है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सिंघानिया ने स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल को लिखे पत्र में कहा है कि अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा गरीब मरीजों को निजी नर्सिग होम भेजने के लिए मजबूर किया जाता है। यह कमीशन के लालच में किया जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाए जाने की जरूरत है। कुछ भ्रष्ट डॉक्टरों के कारण प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आंबेडकर की विश्वसनीयता भी शक के दायरे में आ रही है।