रायपुर. महापौर प्रत्याशी के लिए भाजपा में लाबिंग तेज हो गई है। बुधवार को कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और सांसद रमेश बैस के राजधानी पहुंचते ही हलचलें तेज हो गईं। अग्रवाल और बैस ने बंद कमरे में महापौर को लेकर अपनी-अपनी पसंद और भावी समीकरणों पर चर्चा की। बैस आज दिल्ली से लौटने के बाद अग्रवाल के निवास पर पहुंचे। अग्रवाल भी आज ही मुंबई से लौटे हैं।
सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच चर्चा का मुद्दा केवल महापौर चयन का था। बताया जाता है कि तीन संभावित उम्मीदवारों में सच्चिदानंद उपासने, सुनील
सोनी व संजय श्रीवास्तव के नाम चल रहे हैं। अग्रवाल व बैस के बीच इनमें से किस नाम या और किसी नए नाम पर सहमति बनी इसका पता नहीं चल सका है। बंद कमरे में आधे घंटे बातचीत के बाद दोनों नेता प्रदेश कार्यालय के लिए रवाना हुए। वहां जिला समिति की बैठक रात करीब 9.30 बजे शुरू हुई। इसमें निगम के पार्षदों के नाम फाइनल करने हैं।
समिति के अध्यक्ष शिवरतन शर्मा, मंत्री बृजमोहन, राजेश मूणत, सच्चिदानंद उपासने, छगन मूंदड़ा आदि शामिल हुए। समिति ने वार्डवार संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन किया। बताया गया कि एक-एक वार्ड से 10 से 72 तक कार्यकर्ताओं ने दावेदारी ठोकी है।
रायपुर शहर जिला भाजपा की बैठक में पार्षदों पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। नया कार्यालय में हुई। डेढ़ घंटी चली बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नाम उनके आवेदनों पर लंबी बहस चली। टिकट चयन समिति किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। यह तय किया गया कि 12 दिसंबर को एक बार फिर से बैठक की जाएगी। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, सुनील
सोनी, सच्चिदानंद उपासने, सुभाष तिवारी, गोवर्धन खंडेलवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा आदि शामिल हुए।
मुकाबले में युवा और चर्चित चेहरे को उतारेगी कांग्रेस
रायपुर नगर निगम महापौर के लिए प्रमोद दुबे या विकास उपाध्याय के नाम पर मुहर लग सकती है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं, उसके अनुसार पार्टी युवा और चर्चित को उतारकर कड़ी टक्कर देगी। देर रात तक पार्टी नेताओं तीन नामों का पैनल तैयार किया, जिसमें पार्षद प्रमोद दुबे का नाम सबसे ऊपर है।
विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट देने की बात चली थी, लेकिन मौका नहीं मिल पाया था। वहीं जिलाध्यक्ष विकास उपाध्याय का नाम दूसरे नंबर पर लिया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने उनकी सक्रियता को देखकर विकास का नाम आगे बढ़ाया। तीसरे नाम में आनंद कुकरेजा का नाम बताया जा रहा है। हालांकि इसे लेकर पार्टी नेताओं में सहमति नहीं बन पाई। वैसे दिल्ली में हुई चुनाव समिति की बैठक में पहले संभाग के नेताओं ने नामों की छंटनी की। रायपुर महापौर के लिए 18 नाम आए थे। जिसमें से छह नाम तय किए गए। इनमें प्रमोद दुबे, विकास, आनंद कुकरेजा, पारस चोपड़ा, संजय पाठक और सूर्यमणि मिश्रा का नाम पैनल में शामिल किया गया। जोगी समर्थकों की ओर से प्रमोद दुबे का नाम आया।
रायपुर के दिग्गज नेता ने इसका समर्थन भी किया। विकास उपाध्याय का नाम युवा नेताओं ने लिया तो बस्तर और बिलासपुर क्षेत्र के नेताओं ने भी उसका समर्थन किया। रायपुर के पार्षद प्रत्याशियों के लिए गुरुवार को कांग्रेस भवन में शाम को बैठक होगी। प्रदेश कांग्रेस के एक महामंत्री की ओर से सूर्यमणि मिश्रा और संजय पाठक के नाम पर जोर दिया गया।
राजधानी की राजनीति में दखल रखने वाले खेमे से एक पूर्व मंत्री ने पारस चोपड़ा को उपयुक्त प्रत्याशी बताया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, राष्ट्रीय सचिव भक्त चरण दास और अजीत जोगी ने मंथन किया, जिसमें तीन नामों का पैनल तैयार किया। अब इसे 10 वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर फाइनल किया जाएगा। रायपुर महापौर प्रत्याशी के नाम की घोषणा शुक्रवार को की जा सकती है।
अंबिकापुर से अजय तिर्की लगभग तय प्रदेश कांग्रेस ने अंबिकापुर नगर निगम के महापौर के लिए डॉ. अजय तिर्की की नाम लगभग तय कर लिया है। डॉ. चरणदास महंत के पारिवारिक कारणों से रायपुर आ जाने के कारण बिलासपुर और कोरबा के प्रत्याशी के नाम पर मुहर नहीं लग सकी। राजनांदगांव में कुलबीर छाबड़ा और निखिल व्दिवेदी के नाम की चर्चा है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस के नेता वहां वरिष्ठता के आधार पर टिकट देने की वकालत कर रहे हैं। तिल्दा नगर पालिका अध्यक्ष के लिए रमेश तिवारी, महासमुंद में मनोज कांत साहू, बलौदाबाजार में विक्रम पटेल के नाम की घोषणा हो सकती है।