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चौड़ाई इतनी कम कर दी कि मकान रेल के डिब्बे जैसे बनेंगे

7 वर्ष पहले
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रायपुर. रायपुर विकास प्राधिकरण के ड्रीम प्रोजेक्ट कमल विहार में प्लाट अलाटमेंट की लाटरी खुलने के बाद नया गड़बड़झाला सामने आया है। लोगों के प्लाट अजीबोगरीब आकार के काटकर आवंटित कर दिए गए हैं। किसी प्लाट की लंबाई ज्यादा कर दी गई है तो किसी की चौड़ाई। फील्ड में अपना प्लाट देखने के बाद लोग वापस करने पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि बेमेल साइज के प्लॉट में मकान बनाना संभव नहीं है। लोग जितनी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, उससे प्राधिकरण के प्रशासनिक अमले में उथलपथल मच गई है।
प्राधिकरण के अफसरों ने फिलहाल पूरे मामले में चुप्पी साध ली है। अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। आरडीए ने अब तक तीन बार की लाटरी में लगभग 400 से अधिक प्लाट कटिंग की और लोगों बेचे हैं। इनमें से 50 से अधिक प्लाट की साइज और आकार को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। प्लाट जिस शेप में कटे हैं, उसमें मकान बनाए ही नहीं जा सकते। 1200 वर्गफीट के प्लाट की कटिंग 20 बाय 60 की काट दी गई। इसमें मकान बनाने से पहले चारों तरफ एक निर्धारित मात्रा में जगह भी छोड़नी है। चारों ओर जगह छोड़ने के बाद किसी भी स्थिति में प्लाट में मकान नहीं बनाया जा सकता है। चौड़ाई बेहद कम हो जाएगी। ऐसी दशा में मकान रेल के डिब्बे की तरह की बन सकेगा।
वहीं 2000 वर्गफीट के प्लाट की कटिंग 25 फीट चौड़ाई और 80 फीट गहराई के साथ काट दी गई है। इस जमीन में भी मकान बनाना काफी मुश्किल है। यही वजह है कि अब तक लगभग 40 से अधिक लोगों ने अफसरों के पास प्लाट को वापस करने के लिए या बदलकर मकान बनाने के योग्य प्लाट देने के लिए अर्जियां दी हैं।
प्लाट की कटिंग बेमेल तो आगे क्या होगा?
कमल विहार में अब तक केवल तीन बार ही लाटरी हुई है। इसमें लगभग 400 से अधिक प्लाट बिके हैं। उसमें से लगभग 40 से ज्यादा लोगों के प्लाट बेमेल आकार के हैं। अभी आरडीए को लगभग 600 से ज्यादा प्लाट और बेचना है। ऐसी स्थिति में आगे के प्लाट भी बेमेल आकार में कट के लाटरी में प्राधिकरण बेच सकता है।
आरडीए में आवेदन आ रहे हैं कि उन्हें मिले प्लाट बेमेल हैं। उनका आकार ठीक नहीं है। आरडीए की पालिसी के हिसाब से तो प्लाट में फेरबदल होने की संभावना काफी कम है, मगर फिर भी इन आवेदनों पर गौर किया जाएगा। लाटरी के बाद आबंटित राशि जमा कर दी है वे अगर वापस करना चाहेंगे तो यह नहीं हो सकता। पुलक भट्टाचार्या, राजस्व अधिकारी, आरडीए
प्लाट नहीं हो सकते वापस
प्राधिकरण के नियमों के तहत लाटरी जिनके नाम की खुल गई है, उनके प्लाट अब वापस नहीं हो सकते हैं। जो प्लाट लोगों को अलाट हो गए हैं, उनमें फेरबदल की संभावना भी काफी कम है। प्लाट के आबंटन के समय जमा की गई 10 प्रतिशत अमानत राशि जब्त होने पर हितग्राही की जमीन का आबंटन रद्द हो जाएगा। न तो उसे जमीन मिलेगी और न ही पैसे।
फर्जी आईडी बनाकर रिश्तेदारों को भेजी अश्लील फोटो
राजधानी के चौबे कॉलोनी स्थित एक समाज के हॉस्टल में रहने वाली कॉलेज छात्रा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उसके रिश्तेदारों और परिचितों को अश्लील फोटो भेजने का मामला सामने आया है।
आरोपी ने छात्रा के फोटो से छेड़छाड़ कर उसकी अश्लील फोटो बनाकर गंदे कमेंट्स लिखकर अपलोड की। सायबर सेल की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी कसडोल का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के हॉस्टल में रहने वाली वर्षीय छात्रा स्नातक की पढ़ाई कर रही है। उसे कुछ दिन पहले जानकारी मिली कि उसके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर कोई उसके रिश्तेदारों और परिचितों को अश्लील फोटो भेज रहा है।

इस मामले में साइबर सेल की जांच में फर्जी फेसबुक
आईडी बनाने वाला युवक कसडोल का हरदयाल निकला। उसका मोबाइल नंबर 86022-73252 है। पुलिस ने मंगलवार रात एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।