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चुनाव आयोग को अब दूसरे चरण के मतदान में सुरक्षा की चिंता सता रही

8 वर्ष पहले
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रायपुर. बस्तर में वोटिंग कराकर लौट रही पोलिंग पार्टी पर हमले के बाद चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से घटना से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तलब की है जिसे तुरंत भेज भी दिया गया है। साथ ही प्रदेश में दूसरे चरण के चुनाव की सुरक्षा तैयारियों को लेकर नए सिरे से चर्चा की है। प्रदेश में दूसरे चरण में 17 अप्रैल को कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद सीटों पर चुनाव होंगे। जिसका एक बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित है।

चुनाव आयोग ने इस बीच सुरक्षा तैयारियों में लगे अफसरों से भी अलग-अलग चर्चा की है। साथ ही घटना के बाद अपनी एक एक्सपर्ट टीम भी भेजने की पेशकश की है। माना जा रहा है कि यह एक्सपर्ट टीम अगले एक-दो दिनों में रायपुर पहुंच कर इस मुद्दे पर चर्चा करेगी।

वापसी में भेजी जाएगी एक्सट्रा फोर्स: चुनाव आयोग की रणनीति के मुताबिक पोलिंग पार्टियों को वापसी में और सुरक्षा दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो चुनाव के बाद पोलिंग पार्टियों को वापस लाने के लिए अब एक्सट्रा फोर्स का बंदोबस्त रहेगा। जो सभी जिलों में रिजर्व रखी जाएगी।

आयोग से मांगीं आठ हजार ईवीएम

प्रदेश में करीब आठ हजार और मशीनों की जरूरत पड़ गई है। चुनाव आयोग ने अब सभी राज्यों में बाकी बची ईवीएम की तलाश के साथ नई ईवीएम खरीदने की भी तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश में नाम वापसी के बाद कई सीटों पर प्रत्याशियों की संख्या अनुमान से दोगुनी हो गई है। तीसरे चरण के चुनाव में चार ऐसी सीटें भी है,जहां प्रत्याशियों की संख्या 17 से अधिक है। ऐसे में यहां वोटिंग के दौरान दो ईवीएम की जरूरत पड़ेगी। एक ईवीएम में अधिकतम 16 प्रत्याशी ही जुड़ सकते हैं।

सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शनिवार की शाम अपने निवास में आपात बैठक ली। सीएम ने अफसरों से नक्सली घटनाओं की जानकारी ली। उन्होंने मतदान दलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। नक्सल हमले में शहीद कर्मचारियों के परिजनों को कम से कम समय में अनुकंपा नियुक्ति और अन्य आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। राज्य के एक हेलिकॉप्टर को एंबुलेंस में तब्दील करने पर विचार हुआ।

सीएम ने अधिकारियों से कहा कि इस बारे में चुनाव आयोग के साथ समन्वय कर आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने घटना में शहीद हुए मतदान कर्मियों और सुरक्षा जवानों के परिवारों को समुचित आर्थिक मदद और अन्य सभी तरह की मदद पहुंचाने के लिए भी कहा।