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खेल नहीं, मेले और पार्टियों में बर्बाद हुआ इंडोर स्टेडियम

7 वर्ष पहले
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रायपुर. राजधानी का इंडोर स्टेडियम खेल नहीं, बल्कि मेले व पार्टियों से बर्बाद होने लगा है। इस स्टेडियम में इंडोर गेम्स के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपए खर्च कर वुडन (लकड़ी) फ्लोरिंग की गई थी। केबीसी के आयोजकों ने बड़ी-बड़ी कीलें गाड़कर इस पर सेट लगाया है, जिससे इसके पूरी तरह ध्वस्त होने की आशंका है। यही नहीं, खेल संघ अब इस बात से खफा होने लगे हैं कि करीब तीन साल पहले लगी वुडन फ्लोरिंग पर दो-तीन ही टूर्नामेंट कराए गए, जबकि मेले-ठेले दर्जनों लग चुके हैं।

इंडोर स्टेडियम में खेल के अलावा मेले, पार्टियां और गरबा के आयोजन किए जाने से खेल संघ के पदाधिकारी बुरी तरह से नाराज है। उनका कहना है कि अगर इस तरह के आयोजन सरकार को करना है तो शहर में कई एकड़ सरकारी जमीन खाली पड़ी है, वहां पर बड़ा आडिटोरियम बनाया जाना चाहिए। इसमें मेले और पार्टियां करनी चाहिए। इंडोर स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए बना है। मगर वहां खेल के अलावा बाकी सारे आयोजन किए जा रहे हैं।

वुडन फ्लोरिंग हुई डैमेज : स्टेडियम का निर्माण 21 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से हुआ है। इसमें 1 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से वुडन फ्लोरिंग लगाई गई थी। सेट लगाने के लिए इसमें कीले ठोंके गए, जिससे फ्लोर कई जगह से उखड़ने की सूचना है। प्रवेश द्वार के सामने ही डैमेज फ्लोर देखा जा सकता है।

गर्ल्स हास्टल कराया खाली : इंडोर स्टेडियम में बने कमरों में सांई हास्टल की 25 से अधिक महिला खिलाड़ी रहती हैं। केबीसी के लाइव शो के कारण उन्हें दस दिन की छुट्टी दे दी गई। ये लड़कियां वालीबाल, जूडो, आर्चरी व कैनोयिंग खेलती हैं।
खेल संघ नाराज-
भूल गए घोषणाएं

वालीबाल संघ के सचिव अकरम खान ने बताया कि इंडोर स्टेडियम में 2012 में 4 से 11 जनवरी तक सीनियर नेशनल वालीबाल हुआ। समापन में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने मंच से घोषणा की थी कि यहां सिर्फ खेल होगा। सालाना 70 लाख रुपए बिजली बिल देने की घोषणा भी की गई, पर अमल नहीं हुआ।

खेलों के लिए नहीं

टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष शरद शुक्ला ने बताया कि इंडोर स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए नहीं बल्कि संतों के प्रवचन, मेले, पार्टियां और गरबा जैसे आयोजनों के लिए ही बनाया गया है। 2012 में हमारे संघ ने टेबल टेनिस का सीनियर नेशनल टूर्नामेंट कराया था। इसके लिए बड़ी मुश्किल से स्टेडियम मिला।