रायपुर. भाजपा सांसद दिलीप सिंह जूदेव ने अपने चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी अजीत जोगी पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि जोगी मर्दो की तरह नहीं बल्कि औरतों की तरह वार करते हैं। राजनीति में दादागिरी कौन कर रहा है, यह पूरा प्रदेश जानता है। जोगी तो खुद अपनी ही पार्टी में दादागिरी कर रहे हैं। अपने प्रदेश अध्यक्ष को भी नीचा दिखाने से बाज नहीं आ रहे।
यह विवाद जोगी के उस बयान से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि जशपुर में असामाजिक तत्वों की दादागिरी के कारण जशपुर में कोई भी भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ने को तैयार नहीं होता। कई चैनलों में सीधे जूदेव परिवार का नाम प्रसारित हुआ। हालांकि बाद में जोगी ने स्पष्ट भी किया कि उन्होंने जूदेव का नाम नहीं लिया।
पर इससे जूदेव इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने जोगी पर सीधे पलटवार कर दिया। जूदेव ने कहा-जोगी यह समझ लें कि मैं दिग्विजय सिंह नहीं हूं। दादागिरी कौन करता है, यह सबको पता है। दादागिरी से चुनाव नहीं जीता जा सकता। अगर दादागिरी से चुनाव जीता जाता तो 2003 में जोगी की सरकार नहीं जाती।
दादागिरी करने वालों को छत्तीसगढ़ की जनता पसंद नहीं करती। हमारे जशपुर में लोग हमारे परिवार को पसंद करते हैं। इस कारण वहां कोई दूसरा चुनाव नहीं जीत पाता है। पिछले लोकसभा चुनाव में जनता ने बता दिया है कि उन्हें कौन पसंद है। बिलासपुर में उनके परिवार को हराया है। चाहें तो अगले चुनाव में फिर चुनौती स्वीकार कर लें।
जशपुर के लोग मुझे इतना पसंद करते हैं कि जब मैं बीमार पड़ा तो लोग सड़कों पर उतरकर पूजा पाठ करने लगे।
मैंने तो जूदेव के बारे में कहा ही नहीं : जोगी
अजीत जोगी ने कहा कि मैंने जूदेव के परिवार के बारे में कुछ कहा ही नहीं है। इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा। मैंने केवल असामाजिक तत्वों की दादागिरी पर बात की है।
अंतत: कांग्रेस से तीन नामांकन दाखिल
जशपुर नगर पालिका में वार्ड पार्षद के चुनाव के लिए जोगी द्वारा लिखी गई चिट्ठी का असर यह हुआ कि वहां शुक्रवार को कांग्रेस की ओर से तीन नामांकन दाखिल किए गए। उर्मिला भगत, किरण कांति सिंह और वीरेंद्र खलखो ने फार्म भरा है। कांग्रेस द्वारा वाकओवर दिए जाने से नाराज जोगी ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल को चिट्ठी लिखी थी कि आपके पास प्रत्याशी न हो तो मैं दे देता हूं।