रायपुर. एक तरफ राज्य शासन और टीवी कंपनी राजधानी में कौन बनेगा करोड़पति (
केबीसी आपके शहर में) के शो की तैयारी में जुटे हैं, तो दूसरी ओर नगर निगम में इंडोर स्टेडियम के किराए पर बवाल हो गया है। टीवी कंपनी ने स्टेडियम के 18 लाख किराए के बदले में अब तक सिर्फ दो लाख ही जमा कराए हैं। बाकी पैसे निगम के खाते में आरटीजीएस से जमा करने की बात हुई थी, लेकिन यह अब तक जमा नहीं हुए। इससे नाराज महापौर डा. किरणमयी नायक ने जोन-7 के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अगर मंगलवार को किराया जमा नहीं हुआ तो शाम को स्टेडियम में ताला लगा दिया जाए।
महापौर ने दैनिक भास्कर से कहा कि पैसे जमा करने से पहले ही स्टेडियम में स्टेज वगैरह बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। नगर निगम को इस मामले में अंधेरे में रखा जा रहा है। स्टेडियम का एक दिन का किराया 1 लाख 34 हजार रुपए है। एसी के साथ किराया 1 लाख 84 हजार रुपए है।
सोनी टीवी ने 26, 27 व 28 सितंबर को एसी के साथ स्टेडियम मांगा है। बाकी दिन एसी नहीं चलेगा। स्टेडियम 18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक के लिए बुक हुआ है। बुकिंग को चार दिन बीत गए हैं, इसलिए पूरा किराया अदा किया जाना चाहिए अन्यथा ताला लगाना पड़ेगा।
आडिशन आज से
होटल ताज गेटवे में दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक केबीसी के प्रतिभागियों का आडिशन होगा। एक प्रतिभागी ने बताया कि
सोनी टीवी ने उनसे दो फोटो और आईडी प्रूफ और जन्म तिथि का प्रमाणपत्र साथ लाने को कहा है। 1000 लोगों का आडिशन होगा, जिनमें 500 लोग चुने जाएंगे।
2350 ही बैठ सकेंगे : केबीसी का मुख्य शो 28 सितंबर को होगा। इस दौरान स्टेडियम में केवल 2350 लोग बैठेंगे। इसमें से 500 प्रतिभागी वे होंगे जो हाट सीट से पहले टाप-10 में आने के लिए अमिताभ के साथ महाकरोड़पति का खेल खेलने की शुरुआत करेंगे। इनके साथ एक-एक रिश्तेदार भी होगा। ये भी 500 हो जाएंगे। बचे हुए केवल 1350 लोगों के लिए मंगलवार से इनविटेशन पास छपना शुरु होंगे।
ठेकेदार ने खरीदे टिकट
केबीसी शो के लिए पास नहीं बेचे जा रहे हैं। इस वजह से सरकार ने मनोरंजन कर भी नहीं लगाया है। लेकिन अंदरखाने से खबर आई है कि बिलासपुर संभाग के एक बड़े ठेकेदार ने केबीसी के 450 पास 50 लाख रुपए में स्पांसर बनकर खरीद लिए हैं। ये पास वह ठेकेदार खुद ही बांटेगा।
कुछ घंटे में ट्रांसफार्मर
बताते हैं कि केबीसी के आयोजक इस बात से परेशान थे कि उन्हें शो के लिए कम से कम 35 जनरेटर किराए से लेने होंगे। इसमें एक ठेकेदार ने 25 लाख रुपए का एस्टीमेट दिया। आयोजकों ने यह बात आला अफसरों से शेयर की। अफसरों ने उन्हें जनरेटर लेने से मना किया और तुरंत 250 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दे दिए।
पास के लिए परेशान
केबीसी को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में आयोजक कंपनी के मैनेजरों ने अपना दर्द बयान किया कि एक आला पुलिस अफसर उन्हें पास के लिए परेशान कर रहे हैं। यह सुनकर उच्चपदस्थ अफसर खफा हो गए। उन्होंने डीजीपी से कहा कि कोई भी अफसर पास के लिए फोन न करे। आयोजकों को किसी को भी पास देने की जरूरत नहीं है।