राजनांदगांव.रायपुर. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। राजनांदगांव से करीब 40 किमी दूर 1956 से स्थापित इस यूनिवर्सिटी ने इस साल पहली बार असेसमेंट कराया और नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल (नैक) ने उसे ए ग्रेड से नवाज दिया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में ए ग्रेड पाने वाली यह पहली यूनिवर्सिटी हो गई है। बिलासपुर के सी एम दुबे पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज को भी ए ग्रेड दिया गया है। अभी विश्वनाथ यादव तामश्कर कॉलेज, दुर्ग और बिलासा गर्ल्स कॉलेज को यह उपलब्धि मिली हुई है। खैरागढ़ विवि प्रशासन ने ए ग्रेड पाने के लिए नैक के पैमानों को समझते हुए तैयारी शुरू की।
शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों में सुधार के लिए इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) का गठन किया। नैक की टीम विवि में 19 अगस्त को पहुंची। इसके बाद 20 अगस्त से चार दिनों तक हरेक डिपार्टमेंट का दौरा किया और डीन, प्रोफेसर्स व स्टूडेंट्स से बातचीत की। भवन से लेकर शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया। इस पूरे निरीक्षण के बाद आईक्यूएसी के सदस्यों को उम्मीद थी कि यूनिवर्सिटी को ए ग्रेड ही मिलेगा।
इन बिंदुओं में खरा उतरा खैरागढ़ विवि
- टीचिंग, लर्निंग एंड इवेल्यूवेशन: परीक्षा में कोडिंग-डिकोडिंग की व्यवस्था। स्नातकोत्तर और स्नातक में सेमेस्टर के साथ ही ग्रेडिंग सिस्टम।
- रिसर्च, कंसल्टेंसी एंड एक्सटेंशन: सभी विभागों में किए गए प्रयोगों का पावर पाइंट प्रेजेंटेशन दिया गया, जो नैक की टीम को भाया।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और लर्निंग रिर्सोसेस: अध्यापन के लिए लाइब्रेरी, म्यूजिक लाइब्रेरी, हाल ही में तैयार म्यूजिक स्टूडियो जैसे रिसोर्सेस दिखाए गए।
- गवरनेस, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट: रिकॉर्ड दुरुस्त किए गए और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई थी।
- इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस: दरबार हॉल में लगी राजाओं की पेंटिंग्स को बाहर की संस्था के सहयोग से नया रूप दिया गया।
संगीत विश्वविद्यालय को नैक से ए ग्रेड मिलना बड़ी उपलब्धि है। इसमें विवि परिवार ने काफी मेहनत की और हमने हर बिंदु पर खरा उतरने का प्रयास किया, जो सफल रहा। इससे भी बड़ी बात ये कि नैक की टीम ने पहली बार विवि का निरीक्षण किया और हम सफल हुए। - प्रो. डॉ. मांडवी सिंह, कुलपति, इंदिरा कला संगीत विवि खैरागढ़
ये होंगे फायदे-
- विवि को यूजीसी से ज्यादा फंड मिलेगा।
- विवि की डिग्री का महत्व बढ़ेगा।
- नए कोर्स शुरू करने में यूजीसी से मदद।