रायपुर. प्रदेश की मौजूदा आदर्श पुनर्वास नीति में रोड़ा बन रहे केंद्र के भू-अर्जन कानून को राज्य सरकार बदलने जा रही है। इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है जिसमें उद्योगों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। साथ ही उन सारे निवेशकों को भी लुभाने की भी योजना है जो छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उत्सुक हैं लेकिन मौजूदा भू-अर्जन कानून के चलते पीछे हट रहे हैं। राज्य सरकार इस कानून के चलते आदर्श पुनर्वास नीति को लागू करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए लंबे समय से इसमें बदलाव की तैयारी कर रही थी लेकिन हाल ही में मोदी सरकार की औद्योगीकरण में रुचि को देखते हुए इसमें तेजी दिखाई है। सूत्रों की मानें तो नियमों में बदलाव का पूरा प्लान तैयार करके कैबिनेट को भेज दिया गया है जिसे मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जा सकती है। कैबिनेट में इसके अलावा थर्ड जेंडर को सुविधाएं देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी जा सकती है।
इसलिए बदलाव हो गया था जरूरी
भू-अर्जन कानून में बदलाव इसलिए जरूरी हो गया था, क्योंकि इसके चलते प्रदेश में निवेश की रफ्तार थम गई थी। निवेशक भागने लगे थे। स्थिति यह हो रही थी कि दो साल पहले प्रदेश में निवेश के लिए एमओयू करने वाले कोर सेक्टर के सारे निवेशक करार तोड़ चुके हैं। बाकी क्षेत्र के निवेशक भी जमीन न मिलने के चलते निराश होने लगे थे। इससे सरकार की छवि खराब हो रही है।