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डाउनलोड करेंरायपुर. राजधानी में लेन सिस्टम पूरी तरह से ठप होने के बाद ट्रैफिक पुलिस अब ऑटो रिक्शों की पार्किंग के लिए मशक्कत कर रही है। ऑटो रिक्शों के लिए स्थायी पार्किंग की जगह तलाश करने यातायात विभाग दो साल में छह बार बैठक कर चुका है, लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहा है।
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बाद एक बार फिर विभाग के अफसरों ने ऑटो रिक्शों के लिए पार्किंग तय करने बैठक बुलाई। एडीएम संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि ऑटो रिक्शा चालकों का स्थायी स्टापेज तय किया जाएगा। ऑटो वाले इन्हीं जगहों से सवारी बिठा और उतार सकेंगे।
गौरतलब है कि इस फैसले के पहले भी पुलिस बार-बार ऑटो चालकों को नसीहत देती रही है, लेकिन सख्ती कभी नहीं की गई। यही वजह है कि ऑटो रिक्शा वाले अपनी मनमानी से जहां चाहे वहां ऑटो खड़े करते हैं। यातायात विभाग के सिपाही ऐसे ऑटो वालों के चालान बनाकर अपनी छुट्टी पा लेते हैं। एक बार चालान बनने के बाद ऑटो वाले बार-बार उसी जगह से ही सवारी को उतारते और चढ़ाते हैं। इससे शहर के कई प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति बनीं रहती है।
इस बार नहीं होगी ढिलाई
यह सच है कि पहले भी ऑटो रिक्शे का स्टापेज का जगह तय होता है, लेकिन बाद में ढिलाई हो जाती है। इस बार पुलिस सख्त और कड़े नियम बना रही है। जगह तय होने के बाद ऑटो वाले बीच सड़क पर रुके तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीआर हिरवानी, एएसपी ट्रैफिक
इस बार नहीं होगी ढिलाई
यह सच है कि पहले भी ऑटो रिक्शे का स्टापेज का जगह तय होता है, लेकिन बाद में ढिलाई हो जाती है। इस बार पुलिस सख्त और कड़े नियम बना रही है। जगह तय होने के बाद ऑटो वाले बीच सड़क पर रुके तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीआर हिरवानी, एएसपी ट्रैफिक
ञ्चसड़क पर खींची गई पीली लाइन के बाहर गाडिय़ों को रोकने में सख्ती नहीं बरती जाती। इसलिए बार-बार जाम की स्थिति बनती है ऑटो रिक्शा वाले सड़कों पर कहीं भी रोककर सवारी उतारने या चढ़ाने लगते हैं। ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे ऐसा होता हैस्टॉपेज की जहां जगह तय है, वहां जवानों को खड़ा नहीं किया जाता। स्टेशन से शास्त्री चौक और आयुर्वेदिक गेट तक ऑटो वाले मन मर्जी करते हैं।
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