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कानूनी पेंच फंसा : पकड़ने के दूसरे दिन कोर्ट से छूट जाते है हुक्का पीने वाले

9 वर्ष पहले
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रायपुर. राजधानी में हुक्का पिलाकर हुक्का बार और रेस्टोरेंट वाले लाखों कमा रहे हैं। इन पर छापे भी पड़ते हैं तो वे 200 रुपए जुर्माना पटाकर छूट जाते हैं। जुर्माने की इस रकम से ज्यादा तो संचालक कई बार एक ग्राहक से ही कमा लेते हैं।
इस वजह से हुक्का पिलाने का धंधा बंद नहीं हो रहा। हुक्का बारों पर रोक लगाने के पुलिसिया दावे दिखावा हो गए हैं। क्योंकि इन बार संचालकों पर किस धारा के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है, पुलिस महीनों की माथापच्ची के बाद भी तय नहीं कर पाई है।
पिछले पांच महीने में पुलिस ने छह दफे हुक्का बार और रेस्टोरेंट्स में दबिश दी। हुक्का बारों से हर बार हुक्का और फ्लेवर जब्त किए जाते हैं। इन कार्रवाइयों का जोर-शोर से प्रचार किया जाता है। अगले दिन पुलिस कोर्ट में इस्तेगासा या चालान पेश करती है तो संचालक वहां से महज 200 या 400 रुपए का अधिकतम चालान अदा कर छूट जाते हैं।
इसके बाद अगले दिन से फिर धड़ल्ले से हुक्का पार्टी शुरू हो जाती है। कलेक्टर ने तकरीबन पांच महीने पहले रायपुर जिले में हुक्का पार्टी पर प्रतिबंध लगाते हुए इसे आईपीसी की धारा 188 के तहत बैन कर दिया। इसे शासकीय आदेश का उल्लंघन मानकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रतिबंध सिर्फ पार्टियों पर लगा है, इसलिए छापे में जब लोग पकड़े जाते हैं तो उन पर मामूली जुर्माने की गुंजाइश ही बन पाती है। प्रशासन को हुक्के पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना चाहिए।
जिस धारा में कार्रवाई उसमें 200 रुपए जुर्माना
अधिवक्ता अमिताभ मिश्रा ने बताया कि सिगरेट तंबाखू उत्पाद अधिनियम 2003 (टोबेको एक्ट) की धारा 4 के तहत किसी सार्वजनिक स्थल या शिक्षा संस्थान में तंबाखूयुक्त उत्पाद पिलाने पर धारा 21 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें न्यायालय से अधिकतम 200 रुपए के अर्थदंड का प्रावधान है। ठीक इसी तरह अगर किसी नाबालिग को तंबाखूयुक्त उत्पाद पिलाया जाए या वह स्वयं इसका सेवन करे तो यह इस एक्ट के तहत 200 रुपए का अधिकतम अर्थ दंड है।
इस मामले में खाद्य एवं औषधि विभाग के सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को छापा मार कार्रवाई कर धारा 13 के तहत जब्ती का अधिकार है। यह दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के तहत संक्षिप्त विचारण के मामले के अंतर्गत आता है यानी यह बहुत छोटा और राजीनामा योग्य अपराध कहलाता है।
टोबैको एक्ट के तहत की गई कार्रवाई
पुलिस ने रविवार रात शहर के तीन संस्थानों पर दबिश दी थी। इनमें शंकरनगर का इंडियन चिली, विधानसभा रोड का लेवल थ्री होटल और आरकेसी के सामने डेली ट्रीट रेस्टोरेंट शामिल था। तीनों जगहों से पुलिस को हुक्का और ढेर सारे तंबाखूयुक्त फ्लेवर मिले।
पुलिस अधिकारी देर रात यह तय ही नहीं कर पाए कि आखिर कार्रवाई क्या करनी है। अंत: टोबैको एक्ट की धारा 4/21 और 6/24 के तहत कार्रवाई की गई। कासिफ खान, हुक्का पीने वाले जुनेद सिद्दीकी, जीशान उमर व फरहाज सिद्दीकी के खिलाफ कार्रवाई हुई।
डेली ट्रीट रेस्टोरेंट से मैनेजर जहीर शाहज, कर्मचारी जतिन तांडी और पीने वाले एनआईटी छात्र गौतम अग्रवाल, मोहक रमतानी, राकेश सिंह, अभिषेक विजय, जीशान अग्रवाल, अभिनव गुप्ता, धीरज गोखलानी पर कार्रवाई हुई। इसी तरह लेवल थ्री होटल से मैनेजर आदर्श सिंह और ग्राहक अविनाश सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई।