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  • मोहब्बत के सामने हार गया पोलियो

लड़के को पोलियो, लड़की को हुआ प्यार, फोन पर शुरू हुई लव स्टोरी फिर की शादी

6 वर्ष पहले
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रायपुर. जसविंदर और मानवेंद्र की लव स्टोरी बताती है कि पोलियो पैरों को कमजोर कर सकता है, प्यार करने वालो के इरादे नहीं। सच्चे प्यार की ताकत के आगे शारीरिक अक्षमता कमजोर पड़ जाती है। फिजिकल तौर पर पूरी तरह फिट जसविंदर को जब प्यार हुआ, तो मानवेंद्र का पोलियो भी उनके रास्ते में नहीं आया। घर वालों ने खूब समझाया कि जीवन के रास्ते कमजोर पैरों के साथ चलना मुश्किल है, उन्हाेंने कहा कि पैरों से कहीं ज्यादा उनके दिल में हर सफर में साथ निभाने की ताकत है, शादी तो उनसे ही करूंगी। आखिर घर वाले भी मान गए। आज जसविंदर अपने फैसले से बेहदखुश है।

आवाज सुन काट देती थी फोन बहन की शादी के दौरान जसविंदर के लिए मानवेंद्र का रिश्ता आया। घरवालों ने पोलियो की वजह से मना कर दिया।
जब दीदी ने कहा लड़का अच्छा है, तो गुरुद्वारे में दोनों को मिलाया गया। यहां जसविंदर पहली नजर में मानवेंद्र को दिल दे बैठी। उनके इंडिपेंडेंट होने की बातें पहले ही सुन रखी थी। लेकिन वहां से आकर घर वालों ने साफ कह दिया ये रिश्ता नहीं हो सकता। जसविंदर ने दीदी जीजाजी को राजी कर उनका नंबर जुटाया। फोन करती मानवेंद्र की आवाज सुनती और बिना बात किए लाइन कट कर देती। उस समय वे जमशेदपुर में थी और मानवेंद्र रायपुर में।
कई महीनों तक यह सिलसिला चला, जब बहन को पता चला उन्होंने मानवेंद्र को यह बात बताई। अबकी बार मानवेंद्र ने फोन कट होने के पहले ही कहा सीमा (जसविंदर के घर का नाम) बोल रही हो न? उन्हें समझ नहीं आया क्या करें, किसी तरह बात की और अपने दिल की बात बताई। मानवेंद्र भी राजी हो गए, उनसे मिलने जमशेदपुर गए और बिना घर वालाें को बताए पार्क में अंगूठी पहना आए। फिर किसी तरह जसविंदर की दीदी ने घर वालों को राजी किया और शादी हो गई।

कमजोर नहीं, सबसे ताकतवर
जसविंदर कहती है कि आज शादी को 15 साल हो रहे हैं। एक बेटा और एक बेटी है। मैं अपने परिवार में बेहद खुश हूं। कोई ऐसी चीज नहीं है जो मानवेंद्र मेरे लिए नहीं करते हो। केवल शारीरिक अक्षमता की वजह से किसी को ठुकराना गलत है। मानवेंद्र बताते हैं कि मैंने कार खरीदी तो जसविंदर से कहा तुम ड्राइविंग सीख लो। मैं नहीं चला पाऊंगा। उसने ड्राइविंग सीखी, लेकिन मेरा हौसला बढ़ाया कहा आप कर सकते हो वैसे भी मुझे यह पसंद है कि आप ड्राइव करो और मैं पास में बैठूं। उसके हौसले से मैंने ड्राइव करना शुरू किया। वह हर जगह मेरा उत्साह बढ़ाती है।
कभी महसूस ही नहीं करता मुझमें कोई कमी है। यह सबको खुशी से बताती है कि मेरी लव मैरिज है और मैंने इन्हें चुना है। हम गुरुद्वारे में मिले और पार्क में सगाई की, इसलिए हर एनिवर्सरी पर गुरुद्वारे जाते हैं और पार्क भी।
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