महासमुंद. रायपुर. कांग्रेस ने राशन कार्ड निरस्त करने, मनरेगा भुगतान अटकाने और किसानों के पंजीयन की अनिवार्यता के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। पहले रैली निकाली, फिर कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि बोनस से बचने के लिए सरकार किसानों को पंजीयन में उलझा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमरजीत चावला के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। महासमुंद में लगभग एक दशक बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा आक्रोश कांग्रेस की वादा निभाओ रैली के रूप में सामने आया। जिले के कोने-कोने से आए कांग्रेसियों ने लंबी रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऋण पुस्तिका के आधार पर किसान जमीन तो बेच सकता है, पर उस जमीन से उपजे धान को नहीं। पंजीयन के बहाने राज्य धान खरीदने में कोताही करने जा रही है। प्रदेश में सबसे ज्यादा राशन कार्ड महासमुंद जिले में रद्द किए गए हैं। मनरेगा का पेमेंट भी सही समय पर मजदूरों को नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी इस सरकार की दुखती रग को पकड़ चुके हैं।
मनरेगा की राशि की बंदरबांट की जा रही है। मनरेगा के पैसे से गाड़ियां खरीद कर परिवार वालों को घुमा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह पहले से ही तय हो गया था कि भाजपा अपना चुनावी वादा पूरा नहीं कर सकेगी। सरकार का खजाना खाली हो चुका है। अब गौण संपदा बेचकर राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने की नाकाम कोशिश की जा रही है।
चंद्रशेखर साहू ने की तारीख बढ़ाने की मांग
धान बेचने के लिए किसानों के पंजीयन की धीमी गति को देखते हुए पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात करके इसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 15 अक्टूबर करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें किसानों की अन्य समस्याओं की जानकारी दी गई है।